जमुई में एलपीजी आपूर्ति और पीएनजी विस्तार की समीक्षा, डीएम ने दिए सख्त निर्देश, गैस आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, पीएनजी क्षेत्रों के लोगों से कनेक्शन लेने की अपील
जमुई : जिले में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति और पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के विस्तार को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के प्रतिनिधियों के साथ-साथ जिले के विभिन्न गैस एजेंसी संचालक ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान जिले में एलपीजी की मांग और आपूर्ति का विस्तृत आकलन किया गया। जानकारी के अनुसार, जिले में प्रतिदिन औसतन 4,694 सिलेंडरों की मांग के मुकाबले लगभग 5,070 सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। इसके बावजूद 17,471 सिलेंडरों का बैकलॉग बना हुआ है। कंपनीवार स्थिति में बीपीसीएल का बैकलॉग 2.5 दिन, एचपीसीएल का 4.5 दिन और आईओसीएल का 3.6 दिन पाया गया, जिससे कुल औसत बैकलॉग 3.4 दिन है।
इस पर गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि हाल के दिनों में बुकिंग में अचानक बढ़ोतरी हुई है, जिसे जल्द ही सामान्य कर लिया जाएगा। जिला पदाधिकारी ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे आपूर्ति बढ़ाकर लंबित बुकिंग को शीघ्र समाप्त करें।
आगामी विवाह सीजन को देखते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार ही कमर्शियल गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी और जिला आपूर्ति पदाधिकारी को पूरी व्यवस्था की निगरानी करने का निर्देश दिया गया, ताकि घरेलू गैस का दुरुपयोग रोका जा सके।
बैठक में पीएनजी विस्तार की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जमुई और सिकन्दरा प्रखंड के कई शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पीएनजी सेवा शुरू हो चुकी है।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि वे सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ईंधन के रूप में पीएनजी कनेक्शन को अपनाएं। उन्होंने कहा कि जहां पीएनजी नेटवर्क पूरी तरह चालू हो चुका है, वहां भविष्य में एलपीजी आपूर्ति सीमित की जा सकती है। इसलिए उपभोक्ताओं को समय रहते इस नई व्यवस्था से जुड़ना चाहिए।

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