महिला आरक्षण बिल पर केंद्र सरकार पर हमला, गिद्धौर में बोले धनंजय सिन्हा
🔹कहा—महिलाओं की आड़ में राजनीति, 33% आरक्षण कानून को शीघ्र लागू करने की मांग।
गिद्धौर/जमुई : सोशलिस्ट पार्टी इंडिया के बिहार प्रदेश अध्यक्ष धनंजय कुमार सिन्हा ने गिद्धौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण बिल को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रही है और उन्हें वास्तविक अधिकार देने के बजाय भ्रमित करने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला बिल वर्ष 2023 में ही संसद से पास होकर कानून बन चुका है, लेकिन इसे लागू करने के बजाय सरकार ने उसमें परिसीमन का मुद्दा जोड़कर इसे उलझाने की कोशिश की। उनके अनुसार, परिसीमन से जुड़ा संशोधन प्रस्ताव गिर चुका है, फिर भी मूल कानून आज तक लागू नहीं किया गया है।
धनंजय सिन्हा ने कहा कि महिलाओं को जल्द से जल्द 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि इस आरक्षण के भीतर “जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” के सिद्धांत के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को भी समुचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पिछड़े वर्गों की महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखना चाहती है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा और उससे जुड़े संगठन शुरू से ही पुरुष-प्रधान सोच के समर्थक रहे हैं, इसलिए महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं हैं।
इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट नीति और त्वरित कार्रवाई की मांग की।

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