वैश्विक संकट के बीच जमुई प्रशासन सख्त: जमाखोरी-मुनाफाखोरी पर जीरो टॉलरेंस, एसडीओ ने थोक विक्रेताओं के साथ की बैठक, कहा—कीमत बढ़ाने या कृत्रिम किल्लत पर होगी सख्त कार्रवाई
जमुई : पश्चिम एशिया में जारी वैश्विक अस्थिरता के बीच जमुई जिला प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार ने जिले के प्रमुख थोक विक्रेताओं और व्यावसायिक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।
यह बैठक जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर आयोजित की गई, जिसमें बाजार में संभावित अस्थिरता को रोकने और आम लोगों को महंगाई से बचाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में एसडीओ ने स्पष्ट कहा कि जिले में आवश्यक वस्तु अधिनियम पूरी तरह लागू है और प्रशासन हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि संकट के समय मुनाफाखोरी, जमाखोरी या कृत्रिम किल्लत पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि बाजार में कीमतों को भी नियंत्रित रखना है, ताकि आम लोगों, खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
समीक्षा के दौरान जिले में खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं के स्टॉक और कीमतों की स्थिति का भी आकलन किया गया। इस दौरान व्यावसायिक संघ के प्रतिनिधियों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई, जिस पर व्यापारियों ने सहयोग का भरोसा दिया।
प्रशासन ने व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला और अनुमंडल स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। साथ ही, औचक छापेमारी और निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।
अंत में एसडीओ ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कहीं अधिक कीमत वसूली, कालाबाजारी या अवैध भंडारण की सूचना मिले, तो तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष (06345-222001) या अनुमंडल नियंत्रण कक्ष (06345-222006) पर सूचित करें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हर हाल में उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।


No comments:
Post a Comment