राजस्व कर्मियों की हड़ताल से ठप पड़े काम, प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे लोग, दाखिल-खारिज और एलपीसी समेत जरूरी सेवाएं बाधित, योजनाओं से वंचित हो रहे युवा
चकाई/जमुई : अंचल कार्यालय में राजस्व अधिकारियों और कर्मियों की लंबे समय से जारी हड़ताल के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीओ, राजस्व पदाधिकारी और हल्का कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से पूरा राजस्व तंत्र चरमरा गया है। दाखिल-खारिज, परिमार्जन और एलपीसी जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
इस हड़ताल का सबसे अधिक असर उन युवाओं पर पड़ रहा है, जो सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रमाण पत्र बनवाना चाहते हैं। जलखरिया गांव के सिकंदर कुमार दास इसका उदाहरण हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए आवेदन करने हेतु 11 तारीख को जाति और आवासीय प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन सत्यापन नहीं हो सका। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण वे काफी परेशान हैं।
बताया जाता है कि हल्का कर्मचारी पिछले लगभग डेढ़ महीने से हड़ताल पर हैं, जबकि 11 मार्च से सीओ और राजस्व पदाधिकारी भी अपनी मांगों को लेकर कार्य से अलग हैं। आरटीपीएस काउंटर पर भी लोगों को केवल हड़ताल का हवाला देकर वापस भेजा जा रहा है। राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट और सीओ के हस्ताक्षर के अभाव में आय, जाति और आवासीय प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पा रहे हैं।
ग्रामीण टेक नारायण टुडू, सूखु टुडू, बाबूलाल टुडू और मानसिंह टुडू ने बताया कि दूरदराज के क्षेत्रों से आने के बावजूद उनका कोई काम नहीं हो पा रहा है, जिससे उन्हें बार-बार निराश लौटना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रहा है। चर्चा है कि बीडीओ को सीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा सकता है, ताकि लंबित मामलों का निपटारा किया जा सके।
इस संबंध में बीडीओ मनीष आनंद ने बताया कि ग्रामीणों की समस्याओं को जल्द दूर करने के लिए वरीय अधिकारियों से बातचीत की जा रही है और शीघ्र समाधान का प्रयास किया जा रहा है।

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