रजिस्ट्री कार्यालय के पीछे कागजात जलाने से हड़कंप, बिना अनुमति रिकॉर्ड नष्ट करने पर उठे सवाल
जमुई: सोमवार को मार्च क्लोजिंग के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक पुराने कागजातों को रजिस्ट्री ऑफिस के पीछे जलाया जाने लगा। धुएं का गुबार उठता देख आसपास मौजूद लोग चौंक गए और देखते ही देखते मामला चर्चा का विषय बन गया।
रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में दस्तावेजों को आग के हवाले किया गया, जिनमें जरूरी कागजात भी शामिल हो सकते हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के इस तरह की कार्रवाई से लोगों में नाराजगी और शंका दोनों देखी गई।
कचहरी के एक लेखक ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि दस्तावेजों के विनष्टीकरण के लिए जिला पदाधिकारी की अनुमति जरूरी होती है, लेकिन यहां प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि अगर नियमों का पालन नहीं हुआ, तो महत्वपूर्ण रिकॉर्ड के नष्ट होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इधर, रजिस्ट्रार विनीत कुमार ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि अब निबंधन प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है। जांच के बाद संलग्न सहायक दस्तावेजों को अलग कर दिया जाता है और एक वर्ष पूरा होने पर उन्हें नियमानुसार हटाया जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि सीमित स्थान के कारण पुराने और अनुपयोगी कागजात को हटाना जरूरी हो जाता है, ताकि कार्यालय का कामकाज प्रभावित न हो।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने दस्तावेजों के निपटान की पारदर्शिता और प्रक्रिया को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।

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