समाहरणालय सभाकक्ष में VB-GRAMG अधिनियम पर बैठक, 125 दिन के रोज़गार से ग्रामीणों को मिलेगा बड़ा लाभर
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट : राजीव रंजन/राकेश कुमार
जमुई : विकसित भारत–2047 के लक्ष्य के अनुरूप लागू विकसित भारत रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) — VB-GRAMG अधिनियम, 2025 को लेकर जमुई स्थित समाहरणालय के सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नवीन ने की।
बैठक में अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा की गई, जिसके तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का वेतनयुक्त रोज़गार मिलेगा। साथ ही, काम उपलब्ध न होने पर बेरोज़गारी भत्ता स्वतः देय, मजदूरी भुगतान में देरी पर मुआवज़ा, तथा बुवाई-कटाई के मौसम में 60 दिनों तक कार्य स्थगन का प्रावधान बताया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मनरेगा के अंतर्गत चल रहे सभी कार्य पूर्ववत जारी रहेंगे, जबकि नए कार्य VB-GRAMG के तहत प्रारंभ होंगे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी नवीन ने अपने वक्तव्य में कहा कि, “VB-GRAMG अधिनियम ग्रामीण परिवारों की आय और आजीविका को मजबूत करेगा। पंचायत स्तर पर पारदर्शी योजना निर्माण, समय पर मजदूरी भुगतान और पात्र परिवारों का शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।” उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक ग्रामीणों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
मौके पर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल, अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा, उप-विकास आयुक्त सुभाष चन्द्र मंडल, अनुमंडल पदाधिकारी सौरभ कुमार सहित अन्य पदाधिकारीगण मौजूद रहे।

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