जन-भागीदारी से टूटेगा नशे का जाल: एनसीओआरडी की बैठक में जमुई को नशामुक्त बनाने की ठोस रणनीति तैयार - City Channel

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Saturday, February 28, 2026

जन-भागीदारी से टूटेगा नशे का जाल: एनसीओआरडी की बैठक में जमुई को नशामुक्त बनाने की ठोस रणनीति तैयार

जन-भागीदारी से टूटेगा नशे का जाल: एनसीओआरडी की बैठक में जमुई को नशामुक्त बनाने की ठोस रणनीति तैयार

जमुई। जिला पदाधिकारी श्री नवीन एवं पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल की संयुक्त अध्यक्षता में आज जिला पदाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में NCORD की जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक बिहार पुलिस (मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो), पटना के दिशा-निर्देशों के आलोक में आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य जिले को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से मुक्त करना तथा सुदृढ़ सामाजिक निगरानी तंत्र विकसित करना रहा।

बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि नशा केवल व्यक्तिगत या स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं, बल्कि यह व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को सीधे प्रभावित करता है। नशा प्रतिभा को कुंद कर व्यक्ति को समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने के बजाय चुनौती बना देता है। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि स्वस्थ, ऊर्जावान और जागरूक युवा पीढ़ी के बिना इस लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है; अतः युवाओं को नशे से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जिलाधिकारी ने यह भी रेखांकित किया कि केवल प्रशासनिक या पुलिसिया कार्रवाई से जिले को पूर्णतः नशामुक्त नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए अभिभावकों, शिक्षकों, युवाओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों के प्रबुद्ध नागरिकों की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है। समाज के हर वर्ग के सहयोग से ही नशे के सौदागरों के नेटवर्क को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन न केवल शरीर को क्षति पहुंचाता है, बल्कि अपराधों को भी जन्म देता है। नशा विवेक को समाप्त कर समाज में असुरक्षा का वातावरण पैदा करता है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं अवैध उत्पादन करने वालों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिले में अफीम एवं गांजा की संभावित अवैध खेती के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित क्षेत्रों की पहचान कर त्वरित विनष्टीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही ऐसे किसानों के लिए वैकल्पिक विकास कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि वे लाभकारी वैध कृषि से जुड़ सकें। एन.डी.पी.एस. एक्ट के कड़े प्रावधानों तथा नशे के जानलेवा प्रभावों को लेकर विशेषकर शिक्षण संस्थानों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनी।

अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ टीम भावना में कार्य करने का निर्देश देते हुए विश्वास जताया कि प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता की सक्रिय भागीदारी से जमुई जिला न केवल नशामुक्त बनेगा, बल्कि राज्य में सुरक्षा और सामाजिक चेतना का अनुकरणीय उदाहरण भी प्रस्तुत करेगा।

बैठक में उप विकास आयुक्त श्री सुभाष चंद्र मंडल, अपर समाहर्ता श्री रविकांत सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी श्री सौरव कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी झाझा, सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती मेनका कुमारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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