डीजे प्रतिबंध के खिलाफ जमुई में गरजे संचालक, बोले– रोज़ी-रोटी पर सरकार का वार
जमुई : बिहार सरकार द्वारा डीजे संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में सोमवार को जमुई में डीजे संचालकों और टेंट एसोसिएशन के सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के श्री कृष्णा सिंह मेमोरियल स्टेडियम परिसर में एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में व्यवसायियों ने भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी, एसडीएम और डीटीओ को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए डीजे प्रतिबंध नियम को वापस लेने अथवा उसमें संशोधन करने की मांग की। धरना का नेतृत्व कर रहे संघ के जिला अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि इस समय लगन का सीजन चल रहा है और अधिकांश डीजे संचालकों ने पहले से बुकिंग लेकर अग्रिम राशि भी प्राप्त कर ली है। ऐसे में अचानक प्रतिबंध लागू होने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि एक ओर रोजगार और स्वरोजगार बढ़ाने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर डीजे जैसे स्वरोजगार के साधनों को बंद कर हजारों परिवारों की आजीविका पर चोट की जा रही है। संतोष सिंह ने सुझाव दिया कि पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय समय सीमा और ध्वनि स्तर निर्धारित कर डीजे संचालन की अनुमति दी जाए।
वहीं संघ के सचिव अशरफ अंसारी ने बताया कि अकेले जमुई जिले में लगभग 460 लोग डीजे संचालन से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। यह निर्णय उनकी रोज़ी-रोटी पर सीधा हमला है। उन्होंने मांग की कि यदि सरकार प्रतिबंध लागू ही रखना चाहती है, तो प्रभावित संचालकों के लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में डीजे के उपयोग पर भी सवाल उठाते हुए इसे दोहरा मापदंड बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डीजे संचालन से संबंधित नियमावली में शीघ्र संशोधन नहीं किया गया, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा।

No comments:
Post a Comment