जमुई की सुरक्षा में ‘तीसरी आंख’ का कड़ा पहरा, सीसीटीवी तंत्र सुदृढ़ करने के निर्देश
जमुई। जिले की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत व तकनीकी रूप से अभेद्य बनाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री नवीन (भा.प्र.से.) एवं पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल (भा.पु.से.) की संयुक्त अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जिले में स्थापित ‘तीसरी आंख’ यानी सीसीटीवी निगरानी तंत्र की वर्तमान स्थिति की समीक्षा और उसके विस्तार की रणनीति तय करना रहा।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील सरकारी परिसरों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह कार्यशील रहें। उन्होंने कहा कि जिले का प्रत्येक महत्वपूर्ण स्थल निगरानी के दायरे में होना चाहिए, ताकि अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में तकनीक का प्रभावी उपयोग हो सके।
तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करते हुए कैमरों के फुटेज के सुरक्षित भंडारण और त्वरित विश्लेषण की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी अपने क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान सीसीटीवी कैमरों की नियमित भौतिक जांच सुनिश्चित करें और किसी भी खराबी की स्थिति में तत्काल मरम्मत कराएं।
पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत दयाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक अपराध नियंत्रण में एक प्रभावी साधन है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में सीसीटीवी कैमरे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगरानी तंत्र को और सशक्त बनाकर अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती दुलारी देवी तथा जमुई नगर परिषद के अध्यक्ष से भी ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करने का अनुरोध किया गया। प्रशासन ने स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर निगरानी तंत्र के विस्तार की योजना पर भी चर्चा की।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए विश्वास जताया कि प्रशासन की तकनीकी सक्रियता और जनसहयोग से जमुई को सुरक्षित और अपराधमुक्त जिला बनाने का लक्ष्य अवश्य हासिल होगा।

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