महर्षि दयानंद सरस्वती की 202वीं जयंती पर गहलौर में दो दिवसीय सत्संग, अध्यात्ममय हुआ वातावरण
सिटी संवाददाता : मो० मुमताज
अलीगंज : अलीगंज प्रखंड अंतर्गत बालाडीह पुरसंडा पंचायत के ग्राम गहलौर में महर्षि दयानंद सरस्वती की 202वीं जयंती के अवसर पर दो दिवसीय अध्यात्म प्रवचन एवं सत्संग समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संतों एवं ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली।
सत्संग समारोह के मुख्य प्रवक्ता परम पूज्य डॉ. अभय साहब ने 12 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक तथा संध्या 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक प्रवचन दिया। अपने संबोधन में उन्होंने संत कबीर दास की अमृतवाणी का विस्तार से व्याख्यान करते हुए सत्य, प्रेम, भक्ति और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
डॉ. अभय साहब ने कबीर के प्रसिद्ध दोहों— “सांच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप” तथा “जाति-पांति पूछे न कोई” —का उल्लेख करते हुए समाज में व्याप्त भेदभाव, आडंबर और असमानता पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि निराकार ईश्वर की उपासना और मानव मात्र से प्रेम ही सच्चा धर्म है, जिससे समाज में समरसता और शांति स्थापित हो सकती है।
प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं ने धर्म, जीवन और आध्यात्म से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका संतोषजनक और सरल भाषा में उत्तर दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से पधारे संत-महात्माओं ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्रामवासियों का सराहनीय सहयोग रहा। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के सत्संग कार्यक्रम समाज को नैतिक मूल्यों से जोड़ने और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


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