गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे से भाजपा में हलचल, बेगूसराय बैठक में शामिल हुईं जमुई विधायक श्रेयसी सिंह
जमुई : गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे को लेकर भाजपा में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में जमुई विधायक श्रेयसी सिंह गुरुवार को कार्यकर्ताओं के बड़े जत्थे के साथ बेगूसराय के लिए रवाना हुईं। उनके साथ भाजपा के 110 पदाधिकारी और कार्यकर्ता काफिले में शामिल थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता भी बेगूसराय पहुंचकर अमित शाह का संबोधन सुनेंगे।
विधानसभा चुनाव की दृष्टि से बैठक बेहद अहम :
बेगूसराय में आयोजित इस बैठक को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। इसमें पटना ग्रामीण, पटना महानगर, बाढ़, नालंदा, शेखपुरा, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, खगड़िया और बेगूसराय समेत 20 जिलों के सांसद, विधायक, विधान पार्षद और वरिष्ठ पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
बैठक के एजेंडे में गृह मंत्री अमित शाह का नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद शामिल है। इसमें आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति, ग्राउंड प्लान और संगठन की मजबूती पर चर्चा होगी। बताया गया है कि बूथ स्तर से लेकर जिला संगठन तक को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस योजना तैयार की जाएगी।
"बिहार को विकसित बनाना भाजपा का संकल्प" - श्रेयसी सिंह
बेगूसराय रवाना होने से पहले जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने मीडिया से बातचीत में इस बैठक को अत्यंत महत्त्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि, "इस तरह की बैठकें कार्यकर्ताओं में उत्साह और मनोबल बढ़ाती हैं। इससे संगठन को दिशा मिलती है और जमीनी स्तर पर मजबूती आती है।"
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का संकल्प बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सड़क जैसे बुनियादी क्षेत्रों में अनेक काम किए हैं। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि कई क्षेत्रों में अब भी अतिरिक्त प्रयास की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार को बिहार में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। दिन में वे रोहतास में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे और शाम को बेगूसराय में नेताओं और पदाधिकारियों से संवाद करेंगे। भाजपा को उम्मीद है कि इन बैठकों से संगठन को नई मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं में चुनावी मैदान में उतरने के लिए नई ऊर्जा और जोश का संचार होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि शाह का यह दौरा न केवल चुनावी तैयारियों को धार देगा, बल्कि विपक्षी दलों को भी कड़ा संदेश देगा कि भाजपा संगठनात्मक स्तर पर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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