जमुई जेल में रंगदारी न देने पर कैदी की हत्या का आरोप
जमुई/बिहार : जमुई से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि जेल में बंद एक कैदी की रंगदारी न देने पर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान डब्लू कुमार चौधरी के रूप में हुई है, जिसे सिमुलतला थाना पुलिस ने 18 अगस्त को गिरफ्तार किया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 अगस्त को जेल भेजे जाने के बाद ही मृतक के परिजनों को जेल से फोन कर 5 हजार रुपए की रंगदारी मांगी गई। नंबर 8809855964 से मृतक की बहन को धमकी भरा कॉल आया।
परिजनों ने बताया कि रंगदारी न देने पर डब्लू को पूरी रात बाथरूम में रखा गया। बाद में 20 अगस्त को परिजनों ने एक कैदी संतोष यादव के पे-फोन पर 2000 रुपए भेजे, जिसके बाद उसे रहने की जगह मिली। लेकिन 21 अगस्त को फिर 3 हजार रुपए और मांगे गए।
मृतक की बहन और मां ने केवल 1000 रुपए देने की बात कही। इसके बाद, डब्लू ने परिजनों को बताया कि जेल में दबंग कैदी लगातार उसके साथ मारपीट करते हैं। शुक्रवार की दोपहर इन कैदियों ने उसकी पिटाई की और गला घोंटकर हत्या कर दी।
जेल प्रशासन ने शुरू में मामले को छिपाने की कोशिश की और कहा कि कैदी की तबीयत बिगड़ने पर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। लेकिन मृतक के गले और पीठ पर चोट के गंभीर निशान पाए गए।
इस बीच, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. सैयद नौशाद अहमद के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमॉर्टम किया, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि जिस संतोष यादव के पे-फोन से पैसे भेजे गए, उसी की तरफ से उन्हें धमकियां भी मिल रही हैं। परिवार ने डीएम नवीन कुमार और एसपी विश्वजीत दयाल से सुरक्षा की मांग की है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शव न मिलने पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में करीब दो घंटे तक हंगामा किया, जिसके बाद प्रशासन ने शव सौंपा।
वहीं, जेल अधीक्षक संजीव कुमार का कहना है कि कैदी की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी मौत हुई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
बताते चलें कि यह मामला जेल सुरक्षा और कैदियों के मानवाधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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