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Saturday, August 2, 2025

जमुई नगर में बड़ा हादसा टला, कदंब का पेड़ गिरा बिजली के तारों पर

जमुई नगर में बड़ा हादसा टला, कदंब का पेड़ गिरा बिजली के तारों पर

🔹वार्ड नम्बर 24, कोठी पोखर के पास सड़क पर बह रहा पानी, बना खतरे का कारण।

सिटी संवाददाता : प्रो. रामजीवन साहु की विशेष रिपोर्ट

जमुई/बिहार : जमुई नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 24 स्थित कोठी पोखर के पास गुरुवार की संध्या लगभग 7 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पोखर के किनारे स्थित एक विशाल कदंब का पेड़ जड़ से उखड़कर सीधा बिजली के तारों पर जा गिरा। गनीमत रही कि उस समय आसपास कोई राहगीर या वाहन नहीं था, वरना जान-माल की भारी क्षति हो सकती थी।

स्थानीय निवासियों के अनुसार यह पेड़ काफी समय से पोखर के अंदर लगभग डेढ़ फीट पानी में खड़ा था, जिसके कारण उसकी जड़ें कमजोर हो गई थीं। पेड़ गिरने के बाद बिजली के तार भी खिंच गए हैं, जिससे क्षेत्र में बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

सड़क पर बाधा, हजारों राहगीरों को हो रही परेशानी:
घटना के 15 घंटे बीत जाने के बाद भी, यानी शुक्रवार 2 अगस्त को सुबह 10:15 बजे तक, प्रशासन या नगर परिषद की ओर से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था। यह मार्ग जमुई नगर का अत्यंत व्यस्त इलाका है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं स्कूल-कॉलेज के लिए गुजरते हैं, वहीं सैकड़ों लोग बाजार के कार्यों से आते-जाते हैं। पेड़ और तारों के गिरने के कारण सड़क से गुजरना न केवल असंभव हो गया है, बल्कि जानलेवा भी बन गया है।

मौके पर सड़क पर एक से डेढ़ फीट तक पानी भी बह रहा है, जिससे स्थिति और भयावह हो गई है। जलजमाव व विद्युत संपर्क की निकटता से करंट लगने की भी संभावना बनी हुई है।

नागरिकों में गहरा आक्रोश:
स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आज तक उन्होंने ऐसा दृश्य जमुई नगर में कभी नहीं देखा था। लोगों का कहना है कि यह घटना साफ़ तौर पर नगर परिषद की लापरवाही और उदासीनता को दर्शाती है। नगर परिषद अध्यक्ष की निष्क्रियता पर तीखा तंज करते हुए कुछ लोगों ने कहा, “यह दृश्य खुद प्रमाण है कि हमारे नगर परिषद अध्यक्ष कितने ‘चुस्त-दुरुस्त’ हैं।”

मांग-अविलंब राहत कार्य शुरू हो:
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि अविलंब पेड़ और बिजली के तारों को हटाया जाए, जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचाव के लिए समय रहते निरीक्षण व कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

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