वैश्य समाज की चट्टानी एकता का परिचय बना जमुई में भव्य रोड शो और महासम्मेलन - City Channel

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Tuesday, August 5, 2025

वैश्य समाज की चट्टानी एकता का परिचय बना जमुई में भव्य रोड शो और महासम्मेलन

वैश्य समाज की चट्टानी एकता का परिचय बना जमुई में भव्य रोड शो और महासम्मेलन

🔹राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग को लेकर उठा सशक्त स्वर।
🔹जमुई से प्रकाश कुमार भगत बोले – अब केवल वोट देने वाला नहीं, वोट लेने वाला बनना है।

जमुई/बिहार : राजीव रंजन/राकेश कुमार

जिले में संपूर्ण वैश्य कल्याण महासभा के बैनर तले एक विशाल रोड शो और भव्य महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट था वैश्य समाज की एकता का प्रदर्शन करते हुए राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक हिस्सेदारी की पुरज़ोर मांग।

कार्यक्रम में वैश्य समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए और रोड शो के ज़रिए जमुई शहर की सड़कों पर अपनी एकजुटता का परिचय दिया। इस दौरान जमुई जिला वैश्य कल्याण महासभा के अध्यक्ष प्रकाश कुमार भगत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा “बिहार में वैश्य समाज की जनसंख्या 22 से 24 प्रतिशत के बीच है, लेकिन इसके बावजूद हम आज भी राजनीतिक और सामाजिक रूप से हाशिए पर हैं। हमारे ही वोटों से विधायक और सांसद बनते हैं, फिर भी हमें वह सम्मान और हिस्सेदारी नहीं मिलती जिसकी हम हकदार हैं।”

उन्होंने कहा कि वैश्य समाज को तोड़ने की कोशिशें होती रही हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि हम सब जातियों और उपजातियों को छोड़कर 'एक वैश्य, एक पहचान' के सिद्धांत पर आगे बढ़ें। “अब हम केवल वोट देने वाले नहीं, वोट लेने वाले बनेंगे। जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी साझेदारी – यही हमारा मूल मंत्र है।”

महासम्मेलन में वक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि अब वैश्य समाज राजनीतिक दलों को यह संदेश देना चाहता है कि यदि वे जमुई जिले की सीटें जीतना चाहते हैं, तो वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व देना ही होगा।

प्रकाश भगत ने यह भी कहा “जब बिहार में 1 से 3 प्रतिशत वाले समाज सत्ता चला सकते हैं, तो 22% वाला समाज क्यों नहीं? हम सब मिलकर अपने अस्तित्व, प्रतिष्ठा और भागीदारी के लिए संघर्ष करेंगे।”

सभा में यह भी चर्चा हुई कि किस प्रकार वैश्य समाज को लगातार प्रशासनिक उपेक्षा और अपराधियों की प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। साथ ही यह भी संदेश दिया गया कि “यह किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध का मंच नहीं, बल्कि वैश्य समाज की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता का मंच है।”

कार्यक्रम का मूल संदेश साफ था – वैश्य समाज अब चुप नहीं बैठेगा। वह अपने राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन में बराबरी की भागीदारी चाहता है, और इसके लिए अब वह हर संभव मंच पर अपनी आवाज़ बुलंद करेगा।

सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने “एक रहो, संघर्ष करो, अधिकार लो” के नारे के साथ कार्यक्रम को विराम दिया और आगामी विधानसभा चुनावों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।

मौके पर भव्य रोड शो और महासम्मेलन के अवसर पर पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

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