रक्तदान ही सबसे बड़ा दान – खतौली की बेटी व दिल्ली पुलिस सिपाही अन्नू ने रचा मिसाल
सिटी स्टेट ब्यूरो उत्तरप्रदेश : राजीव शर्मा/मनोज कुमार
मुज़फ्फरनगर/खतौली : “रक्तदान महादान” का संदेश समाज में कई बार दिया गया है, लेकिन खतौली की बेटी और दिल्ली पुलिस में सिपाही पद पर कार्यरत अनू ने इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाकर असली मिसाल पेश की है। तहसील खतौली के मीरापुर खुर्द गांव निवासी अनू ने हाल ही में दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में एक ज़रूरतमंद युवती की जान बचाने के लिए पाँचवीं बार रक्तदान किया। उनके इस कदम ने पूरे जिले को गर्व से भर दिया।
किसान परिवार से निकलकर पुलिस सेवा तक पहुँचने वाली अनू वर्दी में रहकर जहां जनता की सुरक्षा कर रही हैं, वहीं समाज सेवा की राह पर भी अग्रसर हैं। रक्तदान के बाद अनू ने कहा—
“किसी ज़रूरतमंद की जिंदगी बचाना मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है। हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए, ताकि किसी भी परिवार को रक्त की कमी के कारण अपने प्रियजन को न खोना पड़े।”
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने उनके इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनू ने यह साबित कर दिया है कि वीरता केवल पुलिस वर्दी पहनने में नहीं, बल्कि इंसानियत की सेवा में भी है।
लोग उन्हें “जिले का गौरव” और “मानवता की प्रहरी” कहकर संबोधित कर रहे हैं। यह पाँचवाँ रक्तदान न केवल एक लड़की की जिंदगी बचाने का माध्यम बना, बल्कि पूरे मुज़फ्फरनगर जिले के लिए प्रेरणा और सम्मान का प्रतीक बन गया।
खतौली की यह बेटी आज समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है, एक सच्ची प्रहरी, जो कर्तव्य, संवेदना और इंसानियत की राह पर निरंतर आगे बढ़ रही है।

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