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Tuesday, August 5, 2025

जमुई में फिर मिला दुर्लभ प्रजाति का उल्लू, अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों की कीमत

जमुई में फिर मिला दुर्लभ प्रजाति का उल्लू, अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों की कीमत

🔹मलयपुर वन क्षेत्र के सोनदीपी गांव में रात में खाट के नीचे छिपा मिला ब्राउन बार्न आउल।
🔹वन विभाग ने सुरक्षित किया, दो दिन निगरानी के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा।

जमुई/बिहार : जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के सोनदीपी गांव में सोमवार रात एक दुर्लभ प्रजाति का ब्राउन बार्न आउल मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना मलयपुर वन क्षेत्र के अंतर्गत हुई है।

गांव के निवासी विकास कुमार यादव रात लगभग दो बजे घर के बरामदे में खाट पर सो रहे थे, तभी अचानक खाट के नीचे से तेज फड़फड़ाहट और डरावनी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर घबराए विकास ने परिजनों को जगाया। जब परिवार वालों ने मिलकर रोशनी की तो देखा कि खाट के नीचे एक ब्राउन रंग का उल्लू बैठा है। वहीं परिजनों ने सावधानीपूर्वक उल्लू को पकड़ा और उसे एक कमरे में सुरक्षित बंद कर दिया। पूरी रात जागकर परिवार के लोगों ने उसकी निगरानी की।

सुबह होते ही यह खबर पूरे सोनदीपी गांव में फैल गई। उल्लू को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ विकास के घर पर उमड़ पड़ी। विकास कुमार ने उल्लू के एक पैर में रस्सी बांधकर सुरक्षित रखा और तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी।

जिसके बाद मंगलवार दोपहर को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उल्लू को रेस्क्यू कर अपने साथ ले गई। मौके पर वन आरक्षी नीलू पासवान ने बताया कि यह उल्लू दुर्लभ प्रजाति का बार्न आउल है, जो भारत में कम ही दिखाई देता है।

यह अभी बच्चा है और इसका वजन लगभग 700 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी कीमत लाखों रुपये तक आंकी जाती है। उल्लू की डॉक्टर से जांच कराई जाएगी और दो दिन तक निगरानी में रखने के बाद उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।

हालांकि बताते चलें कि जमुई में पहले भी मिल चुके हैं दुर्लभ उल्लू। गौरतलब है कि 14 जुलाई को भी जमुई शहर के बिहारी मोहल्ले में एक बड़े सफेद रंग के उल्लू का रेस्क्यू वन विभाग द्वारा किया गया था, जिसकी कीमत 20 से 30 लाख रुपये तक बताई गई थी।

वहीं वन विभाग ने ऐसे में आम जनता से अपील की है कि इस तरह के दुर्लभ जीव मिलने पर तुरंत सूचना दें और उन्हें हानि पहुंचाने या बेचने की कोशिश न करें, क्योंकि यह वन्य जीव संरक्षण कानून के तहत गंभीर अपराध है।

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