झाझा नगर परिषद में कबीर अंत्येष्टि योजना घोटाले की जांच तेज़, फर्जी निकासी के मामले में डीएम ने दिए जांच के आदेश, कभी भी पहुंच सकती है टीम
सिटी संवाददाता : ब्रह्मदेव प्रसाद यादव,
झाझा, जमुई/बिहार : झाझा नगर परिषद में कबीर अंत्येष्टि योजना के अंतर्गत फर्जी भुगतान मामले में जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। जमुई के जिलाधिकारी के निर्देश पर जल्द ही जांच टीम झाझा नगर परिषद कार्यालय में दस्तक दे सकती है।
ज्ञात हो कि कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत लाखों रुपये की फर्जी निकासी की शिकायतें सामने आई थीं। प्रारंभिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले में परिषद के टैक्स दरोगा ओम प्रकाश साव का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है, वहीं कार्यपालक पदाधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालाँकि इस प्रकरण में कई महीनों से जांच लंबित थी, लेकिन 22 स्कोप चैनल की खबर के बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाई। खुद जिलाधिकारी ने स्वीकार किया कि उन्हें पहली बार इस माध्यम से जानकारी मिली, और तत्क्षण एडीएम को जांच का दायित्व सौंपते हुए सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पिछले 24 घंटों से नगर परिषद कार्यालय में खलबली मची हुई है। कार्यपालक जनार्दन वर्मा, टैक्स दरोगा ओम प्रकाश साव, चेयरमैन संजय यादव समेत कई कर्मचारी चिंतित देखे जा रहे हैं। शुक्रवार के साथ-साथ शनिवार सुबह भी कार्यालय निर्धारित समय से पहले खुल गया और देर शाम तक खुला रहा, जो सामान्य दिनों से अलग है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच टीम कब पहुंचती है, किस स्तर तक पड़ताल होती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है। नगर परिषद में भ्रष्टाचार के इस गंभीर आरोप ने स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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