हत्या के पांच साल बाद अदालत का बड़ा फैसला, आरोपी को आजीवन कारावास
🔹जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कठोर कारावास भी भुगतना होगा।
जमुई/बिहार : जमुई जिले में हत्या के एक मामले में अदालत ने पांच साल बाद बड़ा फैसला सुनाया है। जिला अपर एवं सत्र न्यायाधीश पंचम की अदालत ने शुक्रवार को झाझा थाना क्षेत्र के बेलाटांड गांव निवासी 37 वर्षीय नंदू यादव को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जुर्माना राशि का भुगतान नहीं किया गया तो दोषी को एक वर्ष अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
पांच साल पुराना मामला, टाउन थाना क्षेत्र में हुई थी हत्या :
यह मामला जमुई टाउन थाना क्षेत्र का है। पांच वर्ष पूर्व एक व्यक्ति की निर्मम हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से ही मामला अदालत में लंबित था। गवाहों की पेशी और लम्बी सुनवाई के बाद आखिरकार अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाई।
लोक अभियोजक ने रखा मजबूत पक्ष :
इस मामले में लोक अभियोजक चंद्रभानु सिंह ने अदालत में अभियोजन पक्ष को मजबूती से रखा। लगातार पैरवी और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अंततः पीड़ित परिवार को न्याय मिला।
परिजनों ने जताई मिश्रित प्रतिक्रिया :
हालांकि फैसले से संतुष्ट दिखने के बावजूद मृतक के परिजनों ने कहा कि उनकी मांग थी कि आरोपी को फांसी की सजा दी जाती। उनका कहना था कि जिस निर्दयतापूर्वक हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया, उसे देखते हुए अदालत को कड़ी से कड़ी सजा सुनानी चाहिए थी।
जमुई में चर्चा का विषय बना फैसला :
अदालत के इस फैसले ने पूरे जिले में चर्चा को जन्म दिया है। आम लोग मान रहे हैं कि न्यायपालिका ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का काम किया है, वहीं कई लोग इसे हत्या जैसे जघन्य अपराध के लिए नरमी बताते हैं।

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