विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की पाँच सूत्री माँगें, काला पट्टी लगाकर विरोध जारी
🔹16 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी, हड़ताल से भूमि सर्वेक्षण कार्य पर असर की आशंका।
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट : राजीव रंजन/राकेश कुमार
जमुई/बिहार : भू-अभिलेख एवं परिमाप विभाग, बिहार के विशेष सर्वेक्षण कर्मियों ने स्थायीकरण और सेवा शर्तों में सुधार को लेकर पाँच सूत्री माँग पत्र विभाग को सौंपा है। बीते तीन दिनों से सभी कर्मी काला पट्टी लगाकर कार्य करते हुए विरोध दर्ज करा रहे हैं।
बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण अभियान में कार्यरत संविदा कर्मियों व पदाधिकारियों ने बुधवार को जमुई प्रखंड के पंचायत भवन गरसंडा में काली पट्टी बाँधकर प्रदर्शन किया। यह आंदोलन विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी एवं अभियंता संघ, पटना के आह्वान पर किया गया। कर्मियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी जायज माँगें पूरी नहीं हुईं, तो 16 अगस्त से पटना स्थित गांधी मैदान में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी, जिससे राज्य सरकार के महत्वपूर्ण भूमि सर्वेक्षण कार्य एवं राजस्व महाअभियान पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
सर्वेक्षण कानूनगो सोनू कुमार, प्रवक्ता कौशल किशोर, अमीन ब्यूटी समेत अन्य कर्मियों ने कहा कि वे पाँच वर्षों से मेहनत और लगन से कार्य कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनके भविष्य को लेकर उदासीन है। वर्ष 2023 में संघ और विभाग के बीच सहमति बनने के बावजूद अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ, जिसके कारण वे आंदोलन को मजबूर हुए हैं।
उन्होंने मुख्य मांगों में कहा कि सेवा का नियमितीकरण या 60 वर्ष तक स्थायीकरण हो, नियमित नियुक्ति में हर वर्ष के अनुभव पर 5 अंक की अधिमानता हो, कार्य के अनुरूप समकक्ष पद का वेतनमान दिया जाय, 07 जून 2022 और 21 जनवरी 2023 की सहमति के आधार पर आदेश जारी करे और सभी कर्मियों को ESIC कार्ड और EPFO में सरकारी अंशदान देने की कृपा की जाय।
वहीं बताते चलें कि संघ की संयोजक श्रीमती रौशन आरा ने कहा है कि विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, कानूनगो, अमीन और लिपिक विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं को पूरी निष्ठा से पूरा कर रहे हैं, लेकिन उनकी सेवाएँ अब भी अस्थायी हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल कर्मियों के भविष्य का सवाल नहीं, बल्कि राज्य के बड़े सर्वेक्षण अभियान की सफलता का भी विषय है।
वहीं संघ द्वारा कहा गया कि पूर्व में दो बार सत्याग्रह करने के बावजूद विभाग ने ठोस कार्रवाई नहीं की। इस बार यदि 14 अगस्त तक माँगें नहीं मानी गईं, तो वे महा-अभियान कार्य का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन धरना-सत्याग्रह करेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सहित सभी शीर्ष अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
मौके पर निखिल कुमार, कानूनगो सोनू कुमार, प्रवक्ता कौशल किशोर, उज्ज्वल, कुन्दन, आयुष कुमार, विकास कुमार, लिपिक सौरभ कुमार, नीतीश, रविकांत, दीपक, संजीव, ब्यूटी, अर्चना, सोनम, दीप्ति के अलावे कई विशेष सर्वेक्षण अमीन मौजूद थे।


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