भावनाएं प्रबल, सेवा अद्वितीय - अधिवक्ता नरेश प्रसाद सिंह का नि:स्वार्थ योग सेवा भाव
सिटी संवाददाता : प्रो. रामजीवन साहु की विशेष रिपोर्ट
जमुई/बिहार : जब मन में दूसरों के लिए कुछ करने का जज़्बा हो, तो व्यस्तता भी बाधा नहीं बनती। जमुई व्यवहार न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री नरेश प्रसाद सिंह इसका सजीव उदाहरण हैं। न्यायालय की व्यस्तताओं के बावजूद वे हर दिन प्रातः 5 से 7 बजे तक जमुई के प्रतिष्ठित के. के. एम. कॉलेज परिसर में नि:शुल्क योगाभ्यास करवा रहे हैं।
यह सेवा कार्य 21 मई 2023 से लगातार बिना रुके चल रहा है। उनका मानना है "सर्वे भवन्तु सुखिनः ही जीवन का असली उद्देश्य है।"
श्री नरेश प्रसाद सिंह न केवल एक अनुभवी अधिवक्ता हैं, बल्कि पतंजलि योग परिवार, जमुई के जिला प्रधान भी हैं। उनके इस दो घंटे के समर्पण ने कई लोगों की जीवनशैली बदल दी है। इस नियमित योग शिविर में 35 से 50 तक महिलाएं और पुरुष भाग लेते हैं।
योगाभ्यास करने वालों में कई लोग ऐसे हैं जो घुटनों के दर्द, मधुमेह, मोटापा, गैस, कब्ज, सर्वाइकल, अपच और अन्य समस्याओं से राहत पाने की इच्छा से शिविर में नियमित आते हैं।
योग साधना में भाग लेने वाले प्रमुख प्रतिभागी रहे :
अधिवक्ता गौरीशंकर सिंह, अवध किशोर पांडेय, रविन्द्र वरनवाल, अविनाश कुमार, शशिभूषण ठाकुर, सुनील सिंह, उपेन्द्र साव, सुनील साव, मधुसूदन यादव, रीना देवी, संजू देवी, रानी देवी, नूतन देवी, सुधा देवी, साक्षी कुमारी एवं अन्य स्थानीय नागरिक।
यह योग शिविर न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का साधन बन रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक सहभागिता का प्रेरणास्रोत भी बन चुका है।
जमुई में ऐसी पहलें उम्मीद की किरण हैं, जहां भावनाओं की प्रबलता और सेवा का अद्भुत समर्पण दिखाई देता है।

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