जमुई एसपी मदन कुमार आनंद की बड़ी कार्रवाई – आठ महीनों में नक्सल, शराब माफिया और फिरौती गिरोहों का किया सफाया
सिटी संवाददाता – प्रो० रामजीवन साहु की विशेष रिपोर्ट
जमुई : जमुई जिले के पुलिस अधीक्षक श्री मदन कुमार आनंद ने अपने मात्र आठ महीनों के कार्यकाल में अपराध की उन जड़ों पर चोट की है, जिनसे जिले की छवि वर्षों से धूमिल हो रही थी। नक्सलवाद, शराब तस्करी और फिरौती माफिया—इन तीन मोर्चों पर तीर जैसे तेज और शेर जैसे निर्भीक अंदाज़ में कार्रवाई कर उन्होंने पूरे जिले को राहत की साँस दी है।
नक्सलियों पर कहर बनकर टूटे – जंगल में दहशत, गाँव में राहत :
नक्सल प्रभावित इलाकों में ड्रोन निगरानी, गुप्तचर नेटवर्क और सुरक्षाबलों की ठोस रणनीति के ज़रिए उन्होंने कई वांछित नक्सलियों को पकड़ा, असलहे व बारूद के जखीरे बरामद किए, और दर्जनों लोगों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया। "अब बंदूक नहीं, विकास चाहिए" – यह सोच गाँवों में फैलने लगी है।
अवैध शराब तस्करी की कमर तोड़ी :
हजारों लीटर अवैध शराब की जब्ती, सैकड़ों तस्करों की गिरफ्तारी, और नदी मार्ग से सप्लाई के नेटवर्क का भंडाफोड़, इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि एसपी आनंद ने शराब माफियाओं के हौसलों को जड़ से कुचल डाला है।
अब नहीं चलेगा रंगदारी और फिरौती का धंधा :
सबसे सनसनीखेज सफलता रही डॉक्टर से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश। इसमें शामिल चार कुख्यात अपराधियों को पुलिस ने जमुई थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। एसपी मदन कुमार आंनद ने खुद प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि कैसे ये अपराधी डॉक्टरों, व्यापारियों और ठेकेदारों से अवैध वसूली के लिए फोन कॉल, धमकी और पीछा करने जैसी हरकतें कर रहे थे।
इस ऑपरेशन में साइबर सेल, मोबाइल ट्रैकिंग, और स्थानीय खुफिया एजेंसियों की अहम भूमिका रही। गिरोह के पास से मोबाइल फोन, नकली पहचान पत्र और एक बाइक भी बरामद हुई। यह कार्रवाई जिले भर में कानून के प्रति विश्वास और अपराधियों के बीच डर का प्रतीक बन गई।
एसपी की तीन सूत्रीय रणनीति – "सुनना, समझना और सीधे कार्रवाई करना" :
जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुनना, अपराध की तह तक जाना और बिना देर किए ठोस एक्शन—इसी रणनीति ने एसपी मदन कुमार आनंद को जमुई की जनता का नायक बना दिया है।
सुरक्षा और विकास—दोनों साथ :
अब जिले में सुरक्षा के साथ-साथ सामुदायिक संवाद, युवाओं को जागरूक करना, पुलिस-पब्लिक भागीदारी बढ़ाना जैसी पहलें जोर पकड़ रही हैं। पुलिस अब सिर्फ डराने वाली नहीं, सहयोग देने वाली शक्ति के रूप में देखी जा रही है।
इससे निष्कर्ष यह कि :
नक्सल, शराब और फिरौती, जमुई की त्रासदी माने जाने वाले इन तीन सिरों को एक-एक करके कुचल देना केवल कार्य नहीं, मिशन है, जिसे एसपी मदन कुमार आनंद ने पूरा करने की ठानी है। आज जमुई कह रहा है—"अब डर नहीं, विकास चाहिए।"

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