ढाई लाख महिलाओं को मिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश, 14 जून को जमुई जिले में महिला संवाद कार्यक्रम का होगा समापन - City Channel

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Friday, June 13, 2025

ढाई लाख महिलाओं को मिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश, 14 जून को जमुई जिले में महिला संवाद कार्यक्रम का होगा समापन

ढाई लाख महिलाओं को मिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश, 14 जून को जमुई जिले में महिला संवाद कार्यक्रम का होगा समापन

सिटी ब्यूरो रिपोर्ट : राजीव रंजन/राकेश कुमार

जमुई : महिला सशक्तिकरण की दिशा में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाया जा रहा राज्यव्यापी ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम अब समापन की ओर है। 14 जून को जमुई के चकाई और जमुई सदर प्रखंड में अंतिम महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस महाअभियान ने महिलाओं को न केवल सरकारी योजनाओं से जोड़ा है, बल्कि उनकी आवाज़, आकांक्षाओं और अधिकारों को भी मजबूती से आगे लाने का माध्यम बना है।

57 दिनों में जिले के 1243 स्थानों पर हुए संवाद, ढाई लाख महिलाओं की सक्रिय भागीदारी :

18 अप्रैल 2025 से शुरू हुए इस विशेष कार्यक्रम के तहत जमुई जिले के सभी प्रखंडों – लक्ष्मीपुर, झाझा, सोनो, खैरा, सिकंदरा, चकाई और जमुई सदर में अब तक 1243 स्थानों पर महिला संवाद आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 2 लाख 50 हजार से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। प्रतिदिन औसतन 5 हजार महिलाओं की सहभागिता रही है, और अब तक 29,556 आकांक्षाएं इन संवादों से सामने आई हैं।

महिलाओं को कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री का संदेश पत्र और योजनाओं की जानकारी से युक्त लीफलेट भी वितरित किया गया, जिससे वे सरकारी योजनाओं और अपने अधिकारों के प्रति और अधिक सजग हुईं।

प्रखंडवार प्रमुख पहलें व मांगें :

खैरा प्रखंड के नीम नवादा पंचायत में संवाद की शुरुआत दीदियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। यहां के छह ग्राम संगठनों में हुए कार्यक्रमों से करीब 150 आकांक्षाएं सामने आईं। छात्राओं ने इंटर पास करने पर छात्रवृत्ति और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत डीएलएड की पढ़ाई की इच्छा जताई। चकाई प्रखंड के चौपला पंचायत, बनपोखरा गांव वार्ड संख्या 3 की महिलाओं ने सामूहिक रूप से स्वरोजगार हेतु पापड़, अचार, खिलौना और चूड़ी निर्माण का प्रशिक्षण केंद्र प्रखंड स्तर पर खोलने की मांग रखी। इसके साथ ही तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र खोलने की मांग भी बच्चों के खेल विकास हेतु रखी गई।सिकंदरा प्रखंड के महादेव सिमरिया पंचायत, वार्ड 1 मांझी टोला की महिलाओं ने सार्वजनिक शौचालय और सोलर स्ट्रीट लाइट लगाए जाने की सामूहिक मांग की।

महिलाओं की आकांक्षाएं बनीं नीति निर्माण का आधार :

‘सशक्त नारी, समृद्ध समाज’ की परिकल्पना को साकार करते इस कार्यक्रम ने ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास भरने का कार्य किया है। यह संवाद न केवल जानकारी का माध्यम रहा, बल्कि यह महिलाओं के लिए नीति-निर्माण प्रक्रिया में भागीदारी की नई राह भी बना रहा है।

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