स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर अभिभावकों ने जताई गंभीर चिंता, जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
जमुई। जिले में स्कूली बच्चों की परिवहन व्यवस्था को लेकर बिहार अभिभावक महासंघ ने गहरी चिंता जाहिर की है। मंगलवार को महासंघ के प्रदेश महासचिव प्रमोद यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, पुलिस अधीक्षक मदन कुमार आनंद और जिला परिवहन पदाधिकारी मो. इरफान खान से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में अभिभावकों ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2025 से स्कूली बच्चों के परिवहन में ई-रिक्शा, ई-कार्ट और ऑटो जैसे हल्के वाहनों पर प्रतिबंध लगाए जाने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन जमुई जिले में इसका पालन नहीं हो रहा है। अभिभावकों का कहना है कि इन असुरक्षित वाहनों में छोटे-छोटे बच्चों कोぎन भरकर स्कूल लाया और ले जाया जा रहा है, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ रही है।
महासंघ ने 30 जनवरी 2025 को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक और बिहार राज्य सड़क सुरक्षा परिषद द्वारा जारी ज्ञापन संख्या 48 का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि स्कूली बच्चों के लिए ई-रिक्शा व अन्य हल्के वाहनों का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा। बावजूद इसके, जमुई में इस आदेश की अनदेखी की जा रही है।
ये रखीं मुख्य मांगें:
- प्रतिबंधित वाहनों की नियमित साप्ताहिक जांच के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जाए।
- बिना वैध परमिट और दस्तावेज वाले स्कूली वाहनों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
- विद्यालय प्रबंधन को बच्चों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए।
- स्कूल ट्रांसपोर्ट की निगरानी और रिपोर्टिंग की एक समुचित प्रणाली विकसित की जाए।
प्रमोद यादव ने कहा, "सरकार के स्पष्ट आदेश के बावजूद स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे असुरक्षित ढोये जा रहे हैं। यह किसी बड़े हादसे को दावत दे सकता है। जब तक जिला प्रशासन सख्ती से कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। हम चाहते हैं कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाए।"
अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे।

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