गिद्धौर महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में हर्षप्रीत कौर की गायकी ने बांधा समां - City Channel

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Friday, October 16, 2026

गिद्धौर महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में हर्षप्रीत कौर की गायकी ने बांधा समां

गिद्धौर महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में हर्षप्रीत कौर की गायकी ने बांधा समां

🔸 बिहार गौरव गान और सोहर लोकगीत की प्रस्तुति ने दर्शकों को किया भावविभोर, लोकसंस्कृति और परंपराओं के रंग में रंगा महोत्सव का दूसरा दिन।

सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।

जमुई, 16 अक्टूबर। गिद्धौर महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक संध्या बिहार की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक लोकगीतों और सुरीले संगीत के नाम रही। कार्यक्रम में बिहार गौरव गान, सोहर लोकगीत और इंडियन आइडल फेम हर्षप्रीत कौर की गायकी ने दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक आत्मीयता और बदलते प्रदेश की तस्वीर देखने को मिली।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत नालंदा संगीत कला विकास संस्थान के कलाकारों की बिहार गौरव गान पर आधारित नृत्य प्रस्तुति से हुई। ‘दिशा-दिशा में लोक रंग का तार-तार है, महका-महका सोंधी मिट्टी का बिहार है’ जैसे भावपूर्ण बोलों पर कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। इससे पूरा माहौल बिहार की सांस्कृतिक अस्मिता और गौरव के रंग में रंग गया।

गीत और नृत्य के माध्यम से कलाकारों ने बिहार की मिट्टी की खुशबू, सांस्कृतिक विविधता और लोकपरंपराओं को मंच पर जीवंत किया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को अपनी मातृभूमि की गौरवशाली विरासत के साथ विकास की राह पर आगे बढ़ते बिहार की झलक भी दिखाई।

सोहर लोकगीत में दिखी पारिवारिक आत्मीयता

इसके बाद कलाकारों ने पारंपरिक सोहर लोकगीत की नृत्यपरक प्रस्तुति दी। सोहर के सुरों और नृत्य की लय में जन्मोत्सव की खुशियां, परिवार के सदस्यों का स्नेह, रिश्तों की मिठास और पीढ़ियों से चली आ रही लोकपरंपराओं की झलक देखने को मिली। इस प्रस्तुति ने बिहार के पारंपरिक लोकजीवन की आत्मीयता को खूबसूरती से सामने रखा।

हर्षप्रीत कौर की गायकी ने मोहा मन

सांस्कृतिक संध्या में इंडियन आइडल फेम हर्षप्रीत कौर ने अपनी मधुर आवाज और मनमोहक गीतों से समां बांध दिया। उनकी गायकी ने कार्यक्रम में संगीत का नया रंग भर दिया और दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गिद्धौर महोत्सव स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ बिहार की लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने का माध्यम बन रहा है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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