एशियन पैरा गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता शैलेश कुमार के गांव पहुंचे डीएम और एसपी, घर जाकर किया सम्मानित
🔸ऊंची कूद में स्वर्ण और लंबी कूद में कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया जमुई का मान, गांव में खेल मैदान विकसित करने की प्रक्रिया तेज।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स-2026 में दो पदक जीतकर देश और जिले का नाम रोशन करने वाले पैरा एथलीट शैलेश कुमार को शनिवार को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया। जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उनके पैतृक गांव इस्लामनगर पहुंचे और उनके घर जाकर उन्हें सम्मानित करते हुए इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। अधिकारियों ने उनके माता-पिता, भाई-बहनों एवं अन्य परिजनों से मुलाकात कर पूरे परिवार को शुभकामनाएं भी दीं।
उल्लेखनीय है कि शैलेश कुमार ने एशियन पैरा गेम्स-2026 की पुरुष ऊंची कूद स्पर्धा में 1.89 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीतने के साथ नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। वहीं, लंबी कूद में 5.57 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उनकी इस दोहरी सफलता से अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में जमुई को नई पहचान मिली है।
इस मौके पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि शैलेश की उपलब्धि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, संघर्ष और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उनकी सफलता साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जिला प्रशासन ऐसी प्रतिभाओं को उचित अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
पुलिस अधीक्षक ने भी शैलेश को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने ग्रामीणों और बच्चों से नशे से दूर रहने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा खेल एवं शिक्षा के माध्यम से समाज और देश का नाम रोशन करने की अपील की।
गांव में खेल मैदान विकसित करने की पहल
शैलेश कुमार के अनुरोध पर जिला पदाधिकारी ने इस्लामनगर गांव में पंचायत सरकार भवन के समीप खेल मैदान के लिए चिह्नित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अंचल अधिकारी, अलीगंज को संबंधित जमीन की शीघ्र मापी कराने और अतिक्रमण करने वालों को चिह्नित कर नियमानुसार भूमि अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया। इस पहल से गांव में खेलकूद की आधारभूत सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
इस दौरान जिला पदाधिकारी ने शैलेश के खेल सफर, प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और भविष्य की तैयारियों की भी जानकारी ली।
पैरालंपिक-2028 में देश के लिए पदक जीतना अगला लक्ष्य
शैलेश कुमार ने जिला प्रशासन की ओर से मिले सम्मान के लिए आभार जताया। उन्होंने बिहार सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति और 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' योजना की सराहना करते हुए कहा कि इसी योजना के तहत उन्हें बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के पद पर सरकारी नियुक्ति मिली है।
उन्होंने बताया कि सरकारी सेवा में आने के बाद भी खेल के प्रति उनका उत्साह और प्रतिबद्धता बनी हुई है। सरकार की ओर से उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं मिल रही हैं। शैलेश ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य वर्ष 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले पैरालंपिक खेलों में देश के लिए पदक जीतकर तिरंगे का मान बढ़ाना है।

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