🔸डीडीसी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित, चिकित्सक की उपलब्धता से लेकर संभावित लापरवाही तक की होगी पड़ताल।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई : सदर अस्पताल, जमुई में प्रसव पीड़ा के दौरान भर्ती महिला एवं नवजात शिशु की मृत्यु के मामले में जिला पदाधिकारी ने संज्ञान लिया है। मीडिया में सामने आई खबरों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराने का निर्देश दिया है।
घटना के मूल कारणों और इलाज के दौरान सामने आए विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है। समिति में सिविल सर्जन, जमुई और वरीय उप समाहर्ता श्री सावन कुमार को सदस्य बनाया गया है।
चिकित्सक की मौजूदगी की भी होगी पड़ताल
जांच समिति यह पता लगाएगी कि प्रसव के दौरान महिला और नवजात को किस प्रकार की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इलाज के दौरान संबंधित चिकित्सक की उपलब्धता अथवा अनुपस्थिति की भी जांच की जाएगी।
इसके अलावा घटना में किसी भी स्तर पर चिकित्सकीय या प्रबंधकीय लापरवाही हुई है या नहीं, इसकी भी गहन जांच की जाएगी।
24 घंटे में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
जिला पदाधिकारी ने जांच समिति को मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच पूरी कर 24 घंटे के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन के अनुसार, यदि जांच में किसी व्यक्ति की लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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