चंद्रमंडी थाना प्रभारी के निलंबन की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू
भाकपा माले और आदिवासी संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन, क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं की जांच और पुलिस कार्रवाई की मांग।
चकाई। चंद्रमंडी थाना प्रभारी के निलंबन और क्षेत्र में हाल की आपराधिक घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर भाकपा माले एवं आदिवासी संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। धरने में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और आदिवासी कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने ठाढ़ी पंचायत के बाराटांड़ में प्रसादी नैया की मृत्यु के बाद कथित रूप से उनके घर के दरवाजे के सामने शव दफन किए जाने, बसबुटिया मौजा में निजी जमीन की लंबी चहारदीवारी को जेसीबी से क्षतिग्रस्त किए जाने तथा चौपाल, सगदनीडीह और गोरियाटीला में सोलर प्लेट चोरी की घटनाओं की जांच की मांग उठाई।
धरनास्थल पर वक्ताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लगातार आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई प्रभावी नहीं है। उन्होंने 2 सितंबर की रात बसबुटिया गांव में एनएच-333ए के किनारे बनी चहारदीवारी और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को जेसीबी से क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना का भी उल्लेख किया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि घटना के दौरान मजदूरों के साथ मारपीट भी की गई।
भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने कहा कि चंद्रमंडी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में असंतोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और घटनाओं के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने चंद्रमंडी थाना प्रभारी गजेंद्र कुमार के निलंबन की मांग की।
धरने की अध्यक्षता आदिवासी संघर्ष मोर्चा के नेता कल मरांडी ने की, जबकि संचालन मनोज कुमार पांडे ने किया। धरने में वासुदेव राय, राहुल यादव, मोहम्मद हैदर, संजय राय, प्रदीप मंडल, खूब लाल राणा, रूपम शाह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि संबंधित घटनाओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा थाना प्रभारी के खिलाफ भी जांच कर उचित कार्रवाई हो। प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

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