जमुई की हर पंचायत में खुलेगा 'जीविका सुधा बिक्री केंद्र', महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का नया अवसर
▪️मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, 20 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन।
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट : राजीव रंजन/राकेश कुमार
जमुई: ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका और कॉम्फेड के संयुक्त तत्वावधान में जिले की सभी पंचायतों में "जीविका सुधा बिक्री केंद्र" स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के माध्यम से जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को डेयरी उत्पादों के व्यवसाय से जोड़कर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के तहत राज्यभर की 8,053 ग्राम पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। इनमें जमुई जिले की 152 पंचायतें भी शामिल हैं। प्रत्येक चयनित लाभार्थी को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि लाभार्थी को 15 हजार रुपये का अंशदान स्वयं करना होगा।
यह राशि डीप फ्रीजर, विजी कूलर, दुकान की ब्रांडिंग, परिवहन सुविधा, पेंटिंग और मरम्मत जैसे आवश्यक कार्यों पर खर्च की जाएगी, ताकि बिक्री केंद्र सुचारु रूप से संचालित हो सके।
जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि योजना का लाभ केवल जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी पात्र महिलाओं को मिलेगा। आवेदन करने वाली महिला के पास संबंधित पंचायत क्षेत्र में स्वयं की या किराये की दुकान का प्रमाण होना आवश्यक है। इच्छुक महिलाएं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए वे अपने संबंधित प्रखंड की जीविका इकाई से संपर्क कर सकती हैं।
जीविका के प्रबंधक (पशुधन) कुंदन किशोर ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। प्रत्येक पंचायत से 5 से 7 आवेदन प्राप्त होने पर चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधकों एवं जीविका कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाकर अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को आवेदन के लिए प्रेरित करें।
सब-हेडलाइन
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, 20 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन।
जमुई: ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका और कॉम्फेड के संयुक्त तत्वावधान में जिले की सभी पंचायतों में "जीविका सुधा बिक्री केंद्र" स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के माध्यम से जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को डेयरी उत्पादों के व्यवसाय से जोड़कर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के तहत राज्यभर की 8,053 ग्राम पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। इनमें जमुई जिले की 152 पंचायतें भी शामिल हैं। प्रत्येक चयनित लाभार्थी को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि लाभार्थी को 15 हजार रुपये का अंशदान स्वयं करना होगा।
यह राशि डीप फ्रीजर, विजी कूलर, दुकान की ब्रांडिंग, परिवहन सुविधा, पेंटिंग और मरम्मत जैसे आवश्यक कार्यों पर खर्च की जाएगी, ताकि बिक्री केंद्र सुचारु रूप से संचालित हो सके।
जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि योजना का लाभ केवल जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी पात्र महिलाओं को मिलेगा। आवेदन करने वाली महिला के पास संबंधित पंचायत क्षेत्र में स्वयं की या किराये की दुकान का प्रमाण होना आवश्यक है। इच्छुक महिलाएं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए वे अपने संबंधित प्रखंड की जीविका इकाई से संपर्क कर सकती हैं।
जीविका के प्रबंधक (पशुधन) कुंदन किशोर ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। प्रत्येक पंचायत से 5 से 7 आवेदन प्राप्त होने पर चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधकों एवं जीविका कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाकर अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को आवेदन के लिए प्रेरित करें।

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