विकसित भारत-जी राम जी योजनाओं की समीक्षा, डीडीसी ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
🔻पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण हाट और मुक्तिधाम निर्माण पर जोर।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई। ‘विकसित भारत-जी राम जी’ कार्यक्रम के तहत संचालित जनकल्याणकारी एवं बुनियादी ढांचा योजनाओं की प्रगति को लेकर शनिवार को उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों और प्रखंडों के अधिकारियों ने भाग लिया।
समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। उन्होंने योजनाओं से संबंधित अभिलेखों को तकनीकी मानकों के अनुरूप अद्यतन रखने पर जोर देते हुए कहा कि कार्यों के क्रियान्वयन में तकनीकी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम पदाधिकारियों को योजनाओं का सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर जोर
ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सभी पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का निर्देश दिया गया। चिन्हित स्थलों पर भू-विवाद या अवैध कब्जे की स्थिति होने पर संबंधित अधिकारियों से कारण सहित विस्तृत प्रतिवेदन जिला कार्यालय को भेजने को कहा गया, ताकि आवश्यक कार्रवाई कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा सके।
ग्रामीण हाट और मुक्तिधाम के लिए स्थल चयन
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी प्रखंडों में ग्रामीण हाट विकसित करने की योजना है। इसके लिए पूर्व से संचालित पारंपरिक अथवा स्थानीय बाजारों को चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।
वहीं मुक्तिधाम निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कार्यक्रम पदाधिकारियों को पंचायत रोजगार सेवकों, तकनीकी सहायकों और अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय कर उपयुक्त स्थलों का शीघ्र चयन करने को कहा गया।
बैठक में राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम के निदेशक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यपालक एवं कनीय अभियंता, सभी प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारी, लेखापाल और पंचायत तकनीकी सहायक सहित संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

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