बैंक-पंचायत के बेहतर तालमेल से गांवों में बढ़ेंगे रोजगार और आर्थिक अवसर: जिलाधिकारी
▪️मुखिया समन्वय सम्मेलन में ऋण वितरण व वसूली, डिजिटल बैंकिंग और पीएम सूर्य घर योजना को लेकर जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई, 24 अगस्त। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने को लेकर बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय, जमुई द्वारा श्रीकृष्ण सिंह मेमोरियल स्टेडियम स्थित रावणेश्वर हॉल में मुखिया समन्वय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिला प्रशासन, बैंकिंग संस्थानों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
सम्मेलन में जिलाधिकारी श्री नवीन ने कहा कि गांवों की आर्थिक मजबूती के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधि महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
समय पर ऋण चुकाने से मजबूत होगा आर्थिक चक्र
जिलाधिकारी ने कहा कि बैंक से मिलने वाला ऋण लोगों को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऋण की समय पर अदायगी से बैंक की राशि पुनः दूसरे जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां लगातार बढ़ती रहेंगी।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से बैंक ऋणों की वसूली में प्रशासन और बैंक अधिकारियों का सहयोग करने तथा पात्र लोगों को विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की।
पीएम सूर्य घर योजना से अधिक परिवारों को जोड़ने पर जोर
सम्मेलन में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक पात्र परिवारों को इसका लाभ दिलाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। साथ ही अक्षय ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। उन्होंने इसे ‘विकसित बिहार’ के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
डिजिटल बैंकिंग और स्वरोजगार योजनाओं की दी गई जानकारी
बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अमरदीप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को सरल और सुलभ बनाना बैंक की प्राथमिकता है। सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों को डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय समावेशन, कृषि ऋण, स्वरोजगार ऋण सहित विभिन्न बैंकिंग योजनाओं की जानकारी दी गई।
बैंक अधिकारियों ने ऋण लेने के बाद समय पर किस्त जमा करने के महत्व के बारे में भी जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया।
विकास के लिए सामूहिक प्रयास पर बनी सहमति
सम्मेलन में “जनप्रतिनिधि + प्रशासन + बैंक = सशक्त पंचायत एवं मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था” के सूत्र को केंद्र में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी बीरेंद्र कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्रीमती लक्ष्मी एक्का, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक अभिज्ञा श्रीवास्तव, बिहार ग्रामीण बैंक के मुख्य प्रबंधक अभिषेक कुमार सहित विभिन्न प्रखंडों के मुखिया, जनप्रतिनिधि, शाखा प्रबंधक और बैंक के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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