अंतर्राष्ट्रीय विचित्र संगीत दिवस पर पर्यावरण भारती ने किया पौधारोपण
▪️पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति लोगों को किया जागरूक, अधिक से अधिक पौधे लगाने व उनकी देखभाल का आह्वान।
बिछबे, किऊल, चानन, लखीसराय, 24 अगस्त 2026। अंतर्राष्ट्रीय विचित्र संगीत दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पर्यावरण भारती की ओर से बिछबे क्षेत्र में पौधारोपण अभियान चलाया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व हिमालय ने किया, जबकि शिक्षक अरविंद कुमार ने सहयोग किया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि धरती के पर्यावरणीय संतुलन के लिए लगभग 33 प्रतिशत वन क्षेत्र आवश्यक माना जाता है, जबकि वर्तमान में वन क्षेत्र काफी कम रह गया है। इसके कारण जलवायु परिवर्तन का प्रभाव दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि लखीसराय और जमुई जिले के प्रत्येक खेत तक नहर का पानी नहीं पहुंच पाता है और बड़ी संख्या में किसान वर्षाजल पर निर्भर हैं। बारिश में कमी का सीधा असर धान की खेती पर पड़ रहा है। ऐसे में पौधारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आवश्यक कदम है।
पेड़-पौधे जीवन और पर्यावरण के लिए जरूरी
राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पौधारोपण से केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं बढ़ती, बल्कि मानव जीवन और पर्यावरण संरक्षण में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है। पेड़-पौधे वातावरण में मौजूद कार्बन डाई ऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। इससे वायु गुणवत्ता बेहतर होती है और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि वृक्षों की मौजूदगी से तापमान को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। पेड़ों की छाया के नीचे तापमान आसपास की तुलना में काफी कम महसूस होता है। इसके अलावा वर्षा जल चक्र को बनाए रखने में भी पेड़-पौधों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मिट्टी के कटाव को रोकने में सहायक हैं वृक्ष
वर्तमान समय में नदियों में कटाव के कारण गाद की समस्या भी बढ़ रही है। वृक्षों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से बांधकर रखती हैं, जिससे मिट्टी के कटाव को कम करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल मनुष्यों के लिए ही नहीं, बल्कि पक्षियों, गिलहरियों और चमगादड़ सहित अनेक जीव-जंतुओं के लिए भी आश्रय स्थल हैं।
ये जीव बीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में प्राकृतिक सहयोगी की भूमिका निभाते हैं, जिससे नए स्थानों पर पौधों का विकास होता है और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है।
भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण बचाने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। पौधे भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, जल, मिट्टी और स्वस्थ पर्यावरण सुरक्षित करने का माध्यम हैं। लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया।
नए संगीतकारों का मनोबल बढ़ाना है दिवस का उद्देश्य
शिक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय विचित्र संगीत दिवस प्रत्येक वर्ष 24 अगस्त को मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध संगीतकार पैट्रिक ग्रांट ने की थी। इस दिवस का उद्देश्य नए संगीतकारों का मनोबल बढ़ाना और संगीत के क्षेत्र में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है।
पौधारोपण कार्यक्रम में अनिल कुमार, आर्या कुमारी, आरव, हिमालय, शिक्षक अरविंद कुमार, राम बिलास शाण्डिल्य, गोविंदा, संदीप कुमार सिंह, मिथुन, सागर महतो, बादल महतो सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।

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