'डिजिटल अरेस्ट' और साइबर ठगी से बचाव पर डीएम सख्त, राशन कार्ड प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
▪️समीक्षा बैठक में टीबी मुक्त अभियान, साइबर जागरूकता और जनकल्याणकारी योजनाओं की हुई समीक्षा; प्रत्येक पंचायत से प्रतिदिन 10 नए राशन कार्ड आवेदन जुटाने का निर्देश।
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट : राजीव रंजन/राकेश कुमार
जमुई : जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में रविवार को आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सभी वरीय अधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ से जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने 'टीबी मुक्त भारत अभियान' को गति देने के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि जिले को टीबी मुक्त बनाने के अभियान को सफल बनाया जा सके।
बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए डीएम ने 'डिजिटल अरेस्ट' और साइबर ठगी जैसे नए अपराधों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी 'सहयोग शिविर' के माध्यम से प्रखंड और थाना स्तर पर विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाए, जिसमें लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए जाएं।
बैठक में राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को भी तेज और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। डीएम ने निर्देश दिया कि जिले की हर पंचायत से प्रतिदिन कम से कम 10 नए राशन कार्ड आवेदन प्रपत्र 'क' के माध्यम से प्राप्त किए जाएं। इसके लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है, जबकि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ऑनलाइन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कराएंगे।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े इन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को पूरी जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

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