हर मंगलवार चलेगा ‘साइबर मंगलवार’ अभियान, डिजिटल ठगी रोकने को बिहार सरकार की नई पहल
▪️मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की उच्चस्तरीय बैठक में जिलों को निर्देश, साइबर अपराध पर त्वरित कार्रवाई और जनजागरूकता पर रहेगा विशेष फोकस।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई: बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, बिहार की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भाग लेकर साइबर अपराध रोकथाम एवं जनजागरूकता से जुड़े निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन का भरोसा दिया।
बैठक में सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि साइबर अपराध के मामलों में बिना क्षेत्राधिकार विवाद के तत्काल 'जीरो एफआईआर' दर्ज की जाए, ताकि जांच में देरी न हो। साथ ही शिकायतों के त्वरित निस्तारण, साइबर ठगी के मामलों में फ्रीज की गई राशि पीड़ितों को शीघ्र वापस दिलाने तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों एवं आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साइबर अपराध की रोकथाम के लिए पुलिसकर्मियों को नियमित तकनीकी प्रशिक्षण देने, साइबर हॉटस्पॉट क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा समन्वय तंत्र को और मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा प्रत्येक सप्ताह मंगलवार को पूरे राज्य में "साइबर मंगलवार" के रूप में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद जिला पदाधिकारी ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सतर्कता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान फोन कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें तथा साइबर अपराध से बचाव के लिए स्वयं के साथ अपने परिवार के सदस्यों को भी जागरूक करें।
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से डिजिटल लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। उन्होंने लोगों को फर्जी लॉटरी, बिजली बिल, बैंक खाता अपडेट या केवाईसी के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक से दूर रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो वह बिना देरी किए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से सूचना दे, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर ठगी गई राशि को फ्रीज कराया जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि "साइबर मंगलवार" अभियान के माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि डिजिटल सुरक्षा के प्रति आम लोगों को अधिक से अधिक जागरूक बनाया जा सके।

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