नशे के खिलाफ जमुई प्रशासन सख्त, डीएम-एसपी ने बनाई संयुक्त रणनीति
▪️एनसीओआरडी की बैठक में स्कूलों से लेकर संवेदनशील इलाकों तक जागरूकता और निगरानी बढ़ाने के निर्देश
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई : जमुई में नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने, युवाओं को नशे से दूर रखने तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने कहा कि नशे की लत समाज और राष्ट्र के विकास में बड़ी बाधा है। उन्होंने शिक्षा विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग तथा जीविका को संयुक्त रूप से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी विद्यालयों में प्रत्येक शनिवार ‘सुरक्षित शनिवार’ और ‘नो बैग डे’ के तहत नशामुक्ति विषय पर सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने तथा इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
पुलिस अधीक्षक श्री दयाल ने कहा कि युवा पीढ़ी में बढ़ता नशा चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हालांकि जिले में फिलहाल प्रतिबंधित मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पहाड़ी और वन क्षेत्रों को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को आसूचना तंत्र मजबूत करने, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी अवैध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नशामुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। विद्यालयों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को अभियान के प्रति पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

No comments:
Post a Comment