कैथवारा में ‘सखी वार्ता’ का आयोजन, महिलाओं और छात्राओं को अधिकार, सुरक्षा व वित्तीय साक्षरता की दी गई जानकारी
▪️महिला एवं बाल विकास निगम की पहल, मिशन शक्ति, सुरक्षा कानूनों और डिजिटल बैंकिंग पर किया गया जागरूक
सिटी संवाददाता :प्रो० रामजीवन साहू
जमुई : महिला एवं बाल विकास निगम, जमुई के अंतर्गत संचालित जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन के तत्वावधान में सोमवार को सिकन्दरा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कैथवारा में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं एवं किशोरियों को उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और वित्तीय आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में जिला हब, वन स्टॉप सेंटर के अधिकारियों, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला मिशन समन्वयक मुकेश कुमार ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या भेदभाव के खिलाफ निर्भीक होकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।
इस दौरान मिशन शक्ति के तहत संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम सहित विभिन्न कानूनों के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रतिभागियों को महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 के उपयोग की भी जानकारी दी गई।
वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ विकाश कुमार ने महिलाओं और छात्राओं को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान, सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया।
वहीं, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक पूनम कुमारी एवं सामाजिक परामर्शी शालू सिन्हा ने ‘सखी केंद्र’ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह केंद्र संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर निःशुल्क कानूनी सहायता, मनोसामाजिक परामर्श, चिकित्सीय सहायता, पुलिस समन्वय और अस्थायी आश्रय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं, शिक्षकों और प्रतिभागियों ने बाल विवाह, दहेज प्रथा, लैंगिक भेदभाव एवं महिलाओं के विरुद्ध हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने तथा ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।

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