चलती पूर्वा एक्सप्रेस में गूंजी किलकारी, मधुपुर स्टेशन पर सुरक्षित मां-बेटे को मिला इलाज
मधुपुर/देवघर : देवघर जिले के मधुपुर स्टेशन से हावड़ा से जमुई की ओर आ रही पूर्वा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12303) में शुक्रवार को सफर के दौरान एक महिला यात्री ने पुत्र को जन्म दिया। ट्रेन में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने की सूचना मिलते ही मधुपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे अस्पताल की मेडिकल टीम हरकत में आ गई। समय रहते सभी विभागों के समन्वय से मां और नवजात को सुरक्षित चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन के ए-2 कोच की बर्थ संख्या 23 पर यात्रा कर रही महिला को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। स्टेशन मास्टर को सूचना मिलते ही रेलवे अस्पताल की मेडिकल टीम को अलर्ट किया गया। ट्रेन के मधुपुर स्टेशन पहुंचते ही रेलवे अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सनातन हाजरा के नेतृत्व में मेडिकल टीम, आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे। हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही महिला ने ट्रेन में ही एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दे दिया था।
चिकित्सकों ने मां और नवजात की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक उपचार दिया। इसके बाद महिला की इच्छा और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार स्टेशन अधीक्षक के निर्देश पर आरपीएफ एवं मेडिकल टीम ने दोनों को सुरक्षित ट्रेन से उतारकर एंबुलेंस से सदर अस्पताल, मधुपुर भेजा, जहां प्रसूति वार्ड में भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया गया।
पूछताछ में महिला की पहचान फरहा नाशिन 31 वर्ष, पति आफताब आलम, निवासी निमारंग, थाना जमुई, जिला जमुई (बिहार) के रूप में हुई। वह हावड़ा से जमुई आ रही थी। अस्पताल सूत्रों के अनुसार मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे अस्पताल की टीम की तत्परता एवं बेहतर समन्वय की यात्रियों ने सराहना करते हुए इसे मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

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