मुख्यमंत्री के सहयोग शिविर में गूंजा जमुई का भूमि विवाद, डीएम ने दिया 24 घंटे में निस्तारण का भरोसा
▪️झाझा के फरियादी जयदेव प्रसाद ने लंबित दाखिल-खारिज अपील का उठाया मुद्दा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री ने जिला पदाधिकारी से मांगी रिपोर्ट।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई: राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में सोमवार को जमुई जिले के झाझा प्रखंड के बोडवा गांव निवासी जयदेव प्रसाद ने अपनी भूमि से जुड़े लंबे समय से लंबित दाखिल-खारिज अपील वाद का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। उन्होंने बताया कि अंचल कार्यालय झाझा द्वारा उनके दाखिल-खारिज आवेदन को आवश्यक तथ्यों की अनदेखी करते हुए निरस्त कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) न्यायालय, जमुई में अपील दायर की। हालांकि, मामला लंबे समय से लंबित रहने के कारण उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
शिविर के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे जमुई के जिला पदाधिकारी से मामले की जानकारी ली। इस पर जिला पदाधिकारी ने बताया कि अपील की सुनवाई के दौरान आवश्यक वंशावली समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रक्रिया में तकनीकी विलंब हुआ था। अब संबंधित दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए गए हैं।
जिला पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) न्यायालय, जमुई द्वारा दाखिल-खारिज अपील वाद पर अगले 24 घंटे के भीतर अंतिम आदेश पारित कर दिया जाएगा।
जिला प्रशासन के इस आश्वासन के बाद फरियादी जयदेव प्रसाद ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि वर्षों से लंबित उनका मामला अब शीघ्र सुलझ जाएगा।

No comments:
Post a Comment