गुरमाहा-चोरमारा बनेंगे पर्यटन के नए केंद्र, केंद्र सरकार ने तैयार कराया विकास का ब्लूप्रिंट
▪️केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा, पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए विशेष परियोजना तैयार करने के निर्देश।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।
जमुई: पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास को नई गति देने की दिशा में मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (एलडब्ल्यूई) राजीव कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जमुई के जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर जिले की विकास योजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि पूर्व उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जिला प्रशासन को स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, डिजिटल कनेक्टिविटी और आजीविका को केंद्र में रखकर एकीकृत विशेष परियोजना (Integrated Special Project) तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए। परियोजना स्वीकृत होने पर इन क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
समीक्षा बैठक में गुरमाहा और चोरमारा को मुंगेर, लखीसराय और जमुई के सीमावर्ती क्षेत्रों से जोड़ते हुए इको-टूरिज्म सर्किट विकसित करने की योजना पर विशेष चर्चा हुई। इसके तहत होमस्टे योजना, स्थानीय लोककला, हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, मत्स्य पालन और कृषि वानिकी को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की रणनीति पर विचार किया गया।
जिला पदाधिकारी ने बैठक में बताया कि जिला प्रशासन लगातार इन क्षेत्रों में विश्वास बहाली और विकास कार्यों पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गुरमाहा में आयोजित विशेष योग शिविर का उद्देश्य स्थानीय लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना और प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत करना था। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और लोगों में सुरक्षा एवं विकास को लेकर विश्वास बढ़ा है।
बैठक के दौरान लछुआड़, गिद्धेश्वर वन क्षेत्र, बरहट डैम सहित जमुई के प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित कर पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के रोडमैप पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने कहा कि इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बैठक के अंत में केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। वहीं जिला पदाधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए जमुई को विकास, पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य के क्षेत्र में बिहार के अग्रणी जिलों में शामिल करने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।

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