अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता अभियान शुरू, जिलेभर में चलेगा विशेष अभियान
🔹समाहरणालय से रवाना हुआ जागरूकता वाहन, बाल श्रम कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
जमुई, 12 जून : अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के निर्देश पर समाहरणालय परिसर से बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जनजागरूकता फैलाने के लिए विशेष जागरूकता वाहन को रवाना किया गया। अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत पदाधिकारी बाल मुकुंद प्रसाद एवं श्रम अधीक्षक रतीश कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मियों को बाल श्रम निषेध की शपथ दिलाई गई। वक्ताओं ने कहा कि बाल श्रम समाज के लिए अभिशाप है और इसके उन्मूलन के लिए जनभागीदारी आवश्यक है। लोगों से अपील की गई कि किसी भी प्रतिष्ठान में बाल श्रम की सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित विभाग को अवगत कराएं।
जागरूकता वाहन जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में भ्रमण कर लोगों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 तथा बच्चों के अधिकारों और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करेगा। इस दौरान पंपलेट, ऑडियो संदेश एवं प्रचार सामग्री का भी वितरण किया जाएगा।
श्रम अधीक्षक रतीश कुमार ने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों तथा 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों को जोखिमपूर्ण कार्यों में लगाना कानूनन अपराध है। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित नियोजकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में बाल, किशोर एवं बंधुआ श्रमिकों की पहचान और मुक्ति के लिए विशेष धावा दल लगातार अभियान चला रहा है।
उन्होंने कहा कि बाल श्रमिकों को मुक्त कराने वाले मामलों में नियोजकों से प्रति श्रमिक 20 हजार रुपये की राशि वसूल कर जिला बाल श्रमिक पुनर्वास कोष में जमा कराई जाती है। साथ ही पात्र बच्चों को आर्थिक सहायता एवं पुनर्वास योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाता है।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

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