नए टैक्स स्लैब को लेकर झाझा खुदरा व्यापार संघ में नाराजगी, नगर परिषद के फैसले का किया विरोध
सिटी संवाददाता : ब्रह्मदेव प्रसाद यादव की रिपोर्ट
झाझा/जमुई :बताते चलें कि झाझा नगर परिषद द्वारा प्रस्तावित नए टैक्स स्लैब और कचरा प्रबंधन शुल्क को लेकर झाझा खुदरा व्यापार संघ ने नाराजगी जताई है। इस संबंध में संघ के अध्यक्ष बबलू केशरी की अध्यक्षता में व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर परिषद के निर्णय का विरोध किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए बबलू केशरी ने कहा कि झाझा एक छोटा नगर क्षेत्र है, जहां अधिकांश व्यापारी छोटे स्तर पर व्यवसाय करते हैं। सड़क किनारे फल, सब्जी, ठेला और खोमचा लगाकर आजीविका चलाने वाले लोगों पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ डालना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेड लाइसेंस को विभिन्न श्रेणियों में बांटकर छोटे दुकानदारों से अधिक शुल्क वसूलने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद पहले से होल्डिंग टैक्स वसूलती है, ऐसे में कचरा प्रबंधन के नाम पर अलग से शुल्क लगाए जाने को व्यापारी वर्ग उचित नहीं मानता। उनका कहना था कि नगर परिषद को पहले व्यापारियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए, जबकि वर्तमान में कई छोटे दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान तक उपलब्ध नहीं है।
व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार के अतिरिक्त कर और जुर्माने का बोझ जनता एवं छोटे व्यापारियों पर डाला गया तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी व्यापारियों और आम जनता की समस्याओं को ध्यान में रखने की अपील की।
वहीं, इस मामले में झाझा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जनार्दन प्रसाद वर्मा ने कहा कि नगर परिषद का दायित्व राजस्व संग्रह को सुदृढ़ करना है। इसी उद्देश्य से नई टैक्स सारणी तैयार की गई है, जिसमें व्यवसायों को ए, बी, सी और डी श्रेणियों में विभाजित किया गया है। संबंधित श्रेणी के अनुसार ही शुल्क निर्धारित किया जाएगा।
नए टैक्स स्लैब को लेकर नगर परिषद और व्यापार संघ के बीच मतभेद सामने आने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है या विवाद और गहराता है। फिलहाल व्यापारी वर्ग नगर परिषद से इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग कर रहा है।

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