जिला स्तरीय खरीफ महाभियान-2026 का शुभारंभ, आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर
🔻जिला पदाधिकारी ने 25 जून तक एक लाख फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य पूरा करने का दिया निर्देश, किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का आह्वान।
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट : राजीव रंजन/राकेश कुमार
जमुई : जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को जिला स्तरीय खरीफ महाभियान-2026 के अंतर्गत कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी नवीन ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देना तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि बदलते समय में पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति एवं नवीन तकनीकों के प्रयोग से ही कृषि लागत कम होगी और किसानों की आय में वृद्धि संभव हो सकेगी। उन्होंने कृषि कर्मियों को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करें और उनकी समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
जिला पदाधिकारी ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए 'खेत बचाओ अभियान' को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिए उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए ‘4-R फॉर्मूला’—सही स्रोत, सही मात्रा, सही समय और सही स्थान—को अपनाने की सलाह दी।
उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचाने के उद्देश्य से 25 जून 2026 तक जिले में एक लाख फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य हर हाल में पूरा करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।
इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि खरीफ मौसम में धान उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संकर एवं उन्नत किस्म के बीजों पर विशेष अनुदान दिया जा रहा है। वहीं मक्का विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए बेबी कॉर्न एवं स्वीट कॉर्न के बीजों पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा संकर मक्का बीज पर 150 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अनुदान भी दिया जा रहा है।
महाभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने त्रिस्तरीय कार्ययोजना तैयार की है। 10 जून से प्रखंड स्तरीय अभियान शुरू होगा, जबकि 11 जून से सभी पंचायतों में किसान जनचौपाल का आयोजन किया जाएगा। इन चौपालों के माध्यम से कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को योजनाओं की जानकारी देंगे तथा उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।
कार्यक्रम में जिला उद्यान पदाधिकारी, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण, उप परियोजना निदेशक (आत्मा), कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, बीटीएम, एटीएम, किसान सलाहकार तथा बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

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