10 जून से बिहार में लागू होगा इंटर स्टेट ट्रांजिट पास, बिना पास खनिज परिवहन पर होगी सख्त कार्रवाई
🔻अवैध खनिज ढुलाई और राजस्व चोरी रोकने के लिए खनन विभाग की नई व्यवस्था।
जमुई : बिहार सरकार के खनन विभाग ने राज्य में लघु खनिजों के अवैध परिवहन और राजस्व चोरी पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत 10 जून 2026 से अन्य राज्यों से बालू, पत्थर एवं अन्य लघु खनिज लेकर बिहार में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों के लिए ‘इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी)’ अनिवार्य कर दिया गया है।
खनन विभाग के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य राज्य में प्रवेश करने वाले खनिजों का सटीक रिकॉर्ड रखना, राजस्व संग्रह बढ़ाना तथा एक ही चालान पर बार-बार खनिज ढुलाई जैसी अनियमितताओं को रोकना है। इसके लिए विभाग ने एक विशेष डिजिटल पोर्टल विकसित किया है, जहां वाहन मालिकों को अपना पंजीकरण कराना होगा।
नई व्यवस्था के तहत यदि परिवहन चालान में खनिज की मात्रा मीट्रिक टन में अंकित होगी तो 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से शुल्क देय होगा। वहीं घनमीटर में अंकित खनिज के लिए 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर निर्धारित की गई है।
वाहन मालिकों को खनिज स्रोत से चालान जारी होने के अधिकतम छह घंटे के भीतर ऑनलाइन ट्रांजिट पास प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके लिए पंजीकरण और शुल्क भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। ट्रांजिट पास की वैधता मूल परिवहन चालान की अवधि के समान होगी।
खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि परिवहन के दौरान वाहन में मूल राज्य से जारी वैध परिवहन चालान के साथ बिहार सरकार द्वारा जारी इंटर स्टेट ट्रांजिट पास रखना अनिवार्य होगा। जांच के दौरान इनमें से कोई भी दस्तावेज नहीं मिलने पर परिवहन को अवैध माना जाएगा और संबंधित वाहन के विरुद्ध बिहार खनिज नियमावली के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने यह भी कहा है कि अवैध परिवहन के मामले में जब्त किए गए वाहनों को केवल निर्धारित जुर्माना जमा करने के बाद ही सक्षम न्यायालय अथवा प्राधिकार द्वारा मुक्त किया जा सकेगा।
खनिज विकास पदाधिकारी केशव कुमार पासवान ने जिले के सभी वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्टरों और खनिज कारोबारियों से समय पर पंजीकरण कर नई व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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