जमुई में ‘सहयोग शिविर’ का भव्य आगाज, गांव-गांव पहुंचकर प्रशासन ने सुनी जनता की समस्याएं
🔻प्रभारी मंत्री, प्रभारी सचिव, डीएम और एसपी ने लिया जायजा, 30 दिनों में समाधान नहीं होने पर होगी सख्त कार्रवाई।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट
जमुई :आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निष्पादन के उद्देश्य से मंगलवार को जमुई जिले में ‘सहयोग शिविर’ के प्रथम चरण का भव्य शुभारंभ हुआ। जिले के सभी दस प्रखंडों की चयनित 20 पंचायतों में आयोजित इन विशेष शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न सरकारी विभागों के समक्ष अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। भीषण गर्मी के बावजूद लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
इन शिविरों के निरीक्षण के लिए बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री सह जमुई जिला प्रभारी मंत्री संजय कुमार सिंह स्वयं विभिन्न पंचायतों में पहुंचे। उन्होंने जमुई प्रखंड की थेगुआ पंचायत, गिद्धौर प्रखंड की सेवा पंचायत तथा चकाई प्रखंड की माधोपुर पंचायत में आयोजित शिविरों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दीप प्रज्वलित कर शिविरों का विधिवत उद्घाटन किया और उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित किया।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का स्पष्ट निर्देश है कि गांव के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सेवाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचे और कोई भी आवेदन लंबित न रहे। उन्होंने बताया कि शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करना प्रशासन की अनिवार्य जिम्मेदारी है। उन्होंने जनता से भी अधिकारियों के साथ सहयोग की अपील की।
जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने जमुई प्रखंड की थेगुआ पंचायत, झाझा प्रखंड की छापा पंचायत तथा अलीगंज प्रखंड की मिर्जागंज पंचायत में आयोजित शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों को ‘सहयोग पोर्टल’ की तकनीकी कार्यप्रणाली और पारदर्शी ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था की जानकारी दी।
डीएम ने बताया कि यदि किसी आवेदन का समाधान 10 दिनों में नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी से पहला स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। 20वें दिन दूसरा स्पष्टीकरण लिया जाएगा और 30 दिनों के भीतर समाधान नहीं होने की स्थिति में निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई स्वतः प्रारंभ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह शिविर तब तक आयोजित किए जाते रहेंगे, जब तक नए आवेदन आना बंद नहीं हो जाते।
जमुई जिले के प्रभारी सचिव डॉ. कौशल किशोर ने जमुई प्रखंड की इंदपै पंचायत, खैरा प्रखंड की अमारी पंचायत और सिकंदरा प्रखंड की इटासागर पंचायत में आयोजित शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की यह पहल ऐतिहासिक है, क्योंकि प्रशासन स्वयं जनता के द्वार पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है।
शिविरों में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। साथ ही पूर्व में ‘सहयोग पोर्टल’ पर दर्ज मामलों के समाधान के तहत कई लाभुकों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र और अन्य सरकारी सुविधाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं।
जिले भर में आयोजित इन शिविरों में उमड़ी भीड़ और लोगों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि ‘सहयोग शिविर’ आम जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। बिहार सरकार और जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।






No comments:
Post a Comment