राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर अभियोजन पदाधिकारियों की बैठक
🔻12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी शुरू, अधिकाधिक मामलों के निस्तारण पर जोर
जमुई, 19 मई : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के अध्यक्ष संदीप सिंह के निर्देश पर मंगलवार को न्याय सदन के सभागार में अभियोजन पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मंजूश्री कुमारी ने की।
बैठक में 9 मई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की समीक्षा की गई तथा आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए सचिव मंजूश्री कुमारी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में अभियोजन पदाधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समन्वय बैठकों का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक शमनीय (समझौते योग्य) मामलों एवं लंबित वादों का आपसी सहमति से निस्तारण सुनिश्चित करना है।
उन्होंने अभियोजन पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने स्तर पर संबंधित पक्षों को मुकदमेबाजी से बाहर निकलकर सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिकाधिक मामलों का त्वरित निपटारा हो सके।
मंजूश्री कुमारी ने लोक अदालत की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहां मामलों का निपटारा कम समय और कम खर्च में होता है। लोक अदालत का निर्णय अंतिम होता है, इसके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता और जमा की गई कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है।
उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों के अतिरिक्त बैंक ऋण वसूली, बिजली-पानी बिल विवाद, श्रम विवाद जैसे प्री-लिटिगेशन मामलों का भी आपसी सुलह के माध्यम से निस्तारण किया जाता है। इसके अलावा दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, वैवाहिक विवाद तथा मामूली आपराधिक मामलों को भी लोक अदालत के माध्यम से सुलझाया जा सकता है।
बैठक में प्री-सीटिंग आयोजित करने, मामलों की सूची तैयार कर अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने तथा जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को लोक अदालत से जोड़ने पर जोर दिया गया।
बैठक में अभियोजन पदाधिकारी विजय कुमार चौधरी, राजीव कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह, बृजेश कुमार और नागेंद्र चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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