जमुई में स्कूल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बच्चों के साथ खाना खाना होगा, हर शनिवार रहेगा ‘नो-बैग डे’
🔻डीएम की शिक्षा विभाग के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, मिड-डे मील की गुणवत्ता जांच से लेकर रचनात्मक शिक्षा और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तक दिए कई अहम निर्देश
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट : राजीव रंजन/राकेश कुमार
जमुई : जमुई समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं तकनीकी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और छात्र हितैषी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान सिमुलतला आवासीय विद्यालय एवं जिले में नवस्थापित डिग्री कॉलेजों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही ई-शिक्षाकोश पोर्टल पर छात्र-छात्राओं के प्रोग्रेशन, विद्यालयों में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की वर्तमान स्थिति, अपार आईडी के क्रियान्वयन, विभिन्न आवासीय छात्रावासों के संचालन तथा शिक्षा समितियों के पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने शिक्षकों के वेतन भुगतान, पेंशन, सेवांत लाभ तथा न्यायालय से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मियों से जुड़े प्रशासनिक मामलों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
बैठक में जिला पदाधिकारी श्री नवीन द्वारा शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार और छात्रों के सर्वांगीण विकास को लेकर दो अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्देश जारी किए गए।
पहले निर्देश के तहत अब विद्यालय निरीक्षण करने वाले सभी अधिकारियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे निरीक्षण के दौरान बच्चों के साथ बैठकर मध्याह्न भोजन ग्रहण करेंगे। अधिकारी भोजन की गुणवत्ता की जांच करने के बाद बच्चों के साथ भोजन करते हुए अपनी तस्वीर और एक लिखित प्रतिवेदन जिला शिक्षा कार्यालय को भेजेंगे। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता में सुधार होगा और बच्चों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इसके अलावा छात्रों की मानसिक, बौद्धिक और सृजनात्मक क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार को जिले के सभी विद्यालयों में ‘नो-बैग डे’ मनाने का निर्देश दिया गया है। इस दिन छात्र बिना बस्ते के विद्यालय आएंगे और पारंपरिक पढ़ाई के स्थान पर खेलकूद, कला, संगीत, निबंध लेखन, वाद-विवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को भी बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में ‘नो-बैग डे’ की गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा के अधिकार और लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर जिले की शिक्षा व्यवस्था को उत्कृष्ट बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया।

No comments:
Post a Comment