535वीं रविवारीय साइकिल यात्रा गिद्धौर पहुँची, महायज्ञ मंडप में हुआ पौधारोपण
जमुई : ‘साइकिल यात्रा एक विचार’ के तहत रविवार को 535वीं निरंतर रविवारीय साइकिल यात्रा गिद्धौर पहुंची। इस दौरान पंच मंदिर के समीप सनातन संस्कृति सेवा समिति के महायज्ञ मंडप में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में साइकिल यात्रियों व स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान सनातन संस्कृति के मूल भाव ‘प्रकृति ही परमात्मा का स्वरूप है’ को आत्मसात करते हुए यात्रियों ने पौधारोपण किया। सदस्य शैलेश भारद्वाज ने बताया कि भारतीय परंपरा में वृक्षों को देवतुल्य माना गया है और वृक्षारोपण को पुण्य कार्य बताया गया है। इसी उद्देश्य से ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए पौधे लगाए गए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे समिति के सदस्य पीयूष कुमार और रूपेश कुमार ने कहा कि सनातन संस्कृति हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देती है। वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम है, बल्कि यह हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है।
समिति के वरिष्ठ सदस्य सुमन कुमार और सुशांत साईं सुंदरम ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों में ‘वृक्षो रक्षति रक्षितः’ का उल्लेख है, जिसका अर्थ है कि जो वृक्षों की रक्षा करते हैं, वे स्वयं सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
इस अवसर पर गोलू कुमार, रूपेश कुमार रावत, मिथलेश कुमार, पीयूष कुमार, आनंद कुमार, विकास रंजन, शैलेश भारद्वाज, राकेश कुमार, शिवम कुमार, राम प्रवेश कुमार, अभिषेक कुमार झा, गौरव कुमार, मनेश कुमार, शुभम कुमार, हर्ष कुमार सिन्हा, विवेक कुमार, सचिराज पद्माकर सहित कई स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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