झाझा में मारवाड़ी समाज का पारंपरिक डांडा पूजन, महिलाओं ने किया विधि-विधान से अनुष्ठान
झाझा : होलिका दहन से पूर्व सोमवार दोपहर झाझा में मारवाड़ी समाज ने पारंपरिक डांडा पूजन उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। यह आयोजन गणेशी मंदिर के समीप उलाय नदी के तट पर संपन्न हुआ, जहां पूजन स्थल पर डांडा रोपण कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई।
पूजन में अग्रवाल पंचायत समिति अध्यक्ष प्रभाष बंका ने यजमान की भूमिका निभाई। इस अवसर पर संजय बंका, अनिल अग्रवाल, लक्ष्मण बंका, राजेश अग्रवाल, कंचन अग्रवाल, राधा अग्रवाल और स्वाति अग्रवाल सहित मारवाड़ी समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
अग्रवाल समाज की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर पूजन स्थल पर पहुंचीं और विधि-विधान से अनुष्ठान किया। उन्होंने रोली, अक्षत, चावल, अबीर, गुलाल, फल-फूल और घरों में बने पकवान अर्पित किए। महिलाओं ने होलिका स्थल की परिक्रमा करते हुए मंगल गीत गाए और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की।
समाज की महिलाओं ने बताया कि डांडा पूजन में सबसे पहले भक्त प्रह्लाद के प्रतीक के रूप में डांडा रोपण किया जाता है। इसके बाद भगवान नरसिंह और भक्त प्रह्लाद का स्मरण करते हुए पकवान अर्पित किए जाते हैं। कच्चे सूत को होलिका पर लपेटकर परिक्रमा की जाती है और अंत में गुलाल व रोली का तिलक लगाकर पूजा संपन्न की जाती है।
मारवाड़ी समाज का यह पारंपरिक अनुष्ठान सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है, जिसमें महिलाएं और पुरुष दोनों मिलकर सुखमय जीवन की कामना करते हैं।

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