जनता दरबार में डीएम ने सुनीं फरियादें, अधिकारियों को लगाई फटकार, “समाधान फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए”— जिलाधिकारी नवीन
जमुई : राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के संकल्प “सबका सम्मान, जीवन आसान” को साकार करने के उद्देश्य से सोमवार को जमुई जिलाधिकारी नवीन (भा.प्र.से.) ने अपने कार्यालय कक्ष में ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे 13 से अधिक फरियादियों ने अपनी समस्याएं डीएम के समक्ष रखीं।
जनता दरबार में मुख्य रूप से जमीन विवाद, ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण पत्र, पेंशन और सरकारी योजनाओं में हो रही देरी से संबंधित मामले सामने आए। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही फोन कर आवश्यक निर्देश दिए और लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई।
डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता को सरकारी कार्यों के लिए परेशान करना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन का कार्य केवल फाइलों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखना चाहिए।
जमीन से जुड़े मामलों को लेकर जिलाधिकारी ने पुलिस और राजस्व विभाग को समन्वय बनाकर निष्पक्ष कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी न हो।
उन्होंने सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए उनके निष्पादन के लिए समय सीमा भी निर्धारित की। डीएम ने कहा कि जब तक आम लोगों की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक ‘जीवन आसान’ बनाने का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी मेनका कुमारी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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