जमुई में भूमि सुधार कर्मचारियों का धरना, 17 सूत्रीय मांगों को लेकर कचहरी चौक पर प्रदर्शन
जमुई : जिले में भूमि सुधार कर्मचारियों ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को कचहरी चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण दाखिल-खारिज सहित करीब 68 प्रकार के राजस्व कार्य ठप हो गए हैं, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के तत्वावधान में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग पूर्व में हुए लिखित समझौतों को नजरअंदाज कर रहा है और संयुक्त संघर्ष मोर्चा की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
संघ के अनुसार, बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा अपनी मांगों की पूर्ति को लेकर 11 फरवरी 2026 से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर है। इसके चलते पूरे राज्य में दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित हो गए हैं।
संघ के नेताओं ने बताया कि पिछले वर्ष 27 दिनों की हड़ताल के बाद 2 जून 2025 को तत्कालीन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह के साथ एक लिखित सहमति बनी थी, जिसे 4 जून 2025 को विभागीय ज्ञापन संख्या 353 के माध्यम से जारी किया गया था। इसके अलावा 9 जुलाई 2025 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में भी इन निर्णयों को मंजूरी दी गई थी।
कर्मचारियों का कहना है कि अधिसूचना संख्या 611 के तहत राजस्व कर्मचारियों की योग्यता स्नातक करने तथा ग्रेड पे 2800 (लेवल-5) सहित अन्य मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन आठ महीने बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस आदेश जारी नहीं किया गया है।
संघ के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर विधिवत लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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