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Sunday, March 8, 2026

सिमुलतला में शिवशक्ति महायज्ञ का हुआ शुभारंभ, 11 हजार कन्याओं ने कलश शोभायात्रा को बनाया भक्ति का संगम

  सिमुलतला में शिवशक्ति महायज्ञ का हुआ शुभारंभ, 11 हजार कन्याओं ने कलश शोभायात्रा को बनाया भक्ति का संगम

सिटी संवाददाता : मुकेश कुमार सिंह 

सिमुलतला : बिहार के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सिमुलतला में शिवशक्ति महायज्ञ के अवसर पर भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। लगभग 11 हजार की संख्या में कन्याएं और महिलाएं भारतीय सांस्कृतिक वेशभूषा में शामिल होकर इस कलश यात्रा को भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम बना दिया।

जब मन में भक्ति का जज़्बा हो, तो कड़कड़ाती धूप और गर्म सड़क का एहसास भी कोमल पांवों को नहीं होता। ऐसा ही अद्भुत और अलौकिक दृश्य रविवार को उस समय देखने को मिला, जब श्री श्री 1008 शिवशक्ति महायज्ञ के अवसर पर 11 हजार युवतियों और महिलाओं की भव्य कलश यात्रा निकाली गई। दोपहर की तेज धूप के बावजूद कलशधारी महिलाएं नंगे पांव सड़कों पर कतारबद्ध होकर चल रही थीं। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में यह यात्रा आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति के गौरव का अद्भुत संगम बन गई।

सिमुलतला थाना क्षेत्र के टेलवा बाजार स्थित बड़ुआ नदी के तट से शुरू हुई इस ऐतिहासिक कलश यात्रा में माताओं और बहनों ने माथे पर कलश धारण कर पूरे श्रद्धाभाव के साथ यात्रा प्रारंभ की। गेरुआ और पीले वस्त्रों में सजी महिलाओं की लंबी कतार मानो आस्था की पवित्र धारा बनकर सड़कों पर बहती दिखाई दे रही थी। करीब छह किलोमीटर लंबी इस यात्रा में जहां तक नजर जाती, वहां तक केवल श्रद्धालुओं का जनसैलाब ही दिखाई देता था।

इस भव्य आयोजन को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की श्री श्री 1008 निरंजनी पीठाधीश्वर कैलाशानंद गिरि जी महाराज की पावन उपस्थिति ने। महाराज श्री के सानिध्य में श्रद्धालुओं का उत्साह कई गुना बढ़ गया। वाराणसी से आए डमरू दल की गूंज और “जय श्री राम” व “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। ढोल-नगाड़ों और डमरू की थाप के बीच निकल रही यह यात्रा किसी दिव्य उत्सव से कम नहीं लग रही थी।

कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्थानीय युवाओं ने भी सराहनीय भूमिका निभाई। भीषण गर्मी और प्रचंड धूप के बावजूद युवाओं की टोलियां जगह-जगह सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को चाय, पानी, शरबत और शीतल पेय उपलब्ध करा रही थीं। युवाओं की यह सेवा भावना मानवता और धर्म के समन्वय का सशक्त उदाहरण बन गई।

इस भव्य आयोजन का प्रभाव राष्ट्रीय राजमार्ग 333ए पर भी देखने को मिला, जहां कलश यात्रा के कारण कई घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि, श्रद्धा और आस्था के इस महासागर को देखकर राहगीरों के चेहरों पर कहीं कोई नाराजगी नहीं थी। हर कोई इस ऐतिहासिक और अलौकिक दृश्य का साक्षी बनना चाहता था।

ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्तों के जयघोष और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। क्षेत्र के इतिहास में यह कलश यात्रा निश्चित रूप से एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि यह भव्य कलश यात्रा श्री श्री 1008 शिवशक्ति महायज्ञ की शुरुआत का प्रतीक है। आगामी दिनों में चलने वाले इस महायज्ञ में देश के विभिन्न हिस्सों से संत-महात्माओं का आगमन होगा और क्षेत्र की सुख-समृद्धि व विश्व कल्याण के लिए यज्ञाहुति दी जाएगी।

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